स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 77 गेंदों पर वनडे शतक, सीरीज बराबर
स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 77 गेंदों पर वनडे शतक, सीरीज बराबर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए इतिहास रच दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मैच में मंधाना ने मात्र 77 गेंदों पर शानदार शतक ठोककर न सिर्फ रिकॉर्ड कायम किया, बल्कि भारत को 102 रनों से मिली शानदार जीत दिलाकर सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया। यह उनका ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में सबसे तेज शतक है, जो पहले इंग्लैंड की नेट स्किवर-ब्रंट के नाम था (79 गेंदें)।
मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने टॉस हारकर 50 ओवरों में 292 रन बनाए। मंधाना ने 91 गेंदों पर नाबाद 117 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 12 चौके और तीन छक्के शामिल थे। उन्होंने मैच की शुरुआत में ही आक्रामक रुख अपनाया और 77 गेंदों पर तीन अंक पूरे कर लिए। जब वह आउट हुईं, तो भारत का स्कोर 192 था, जिसमें से 117 रन उनके बल्ले से आए थे। इस पारी से मंधाना ने साबित कर दिया कि वह वनडे फॉर्मेट की नंबर वन बल्लेबाज क्यों हैं।
मंधाना की इस पारी ने भारतीय गेंदबाजों को मजबूत प्लेटफॉर्म दिया। ऑस्ट्रेलिया को 190 रनों पर रोकने में क्रांति गौड़ ने 3-28 के शानदार आंकड़े के साथ अहम भूमिका निभाई। डार्सी ब्राउन ने भारत के लिए 3-42 लिए, लेकिन वे लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकीं। यह जीत भारत के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि पहला मैच ऑस्ट्रेलिया ने 9 विकेट से जीता था। अब तीसरा और निर्णायक मुकाबला 20 सितंबर को खेला जाएगा।
स्मृति मंधाना का यह शतक उनके करियर का 8वां वनडे शतक है, जो मिताली राज के रिकॉर्ड की बराबरी करता है। 1996 में जन्मीं यह बाएं हाथ की बल्लेबाज ने 16 साल की उम्र में डेब्यू किया था और तब से ही वह भारतीय महिला क्रिकेट की रीढ़ बनी हुई हैं। 2018 में आईसीसी वुमेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुनी गईं मंधाना ने टेस्ट, वनडे और टी20 सभी फॉर्मेट में शतक ठोके हैं। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को 2024 में महिला प्रीमियर लीग का खिताब दिलाने वाली कप्तान के रूप में भी उनकी कप्तानी सराहनीय रही।
यह पारी न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के उभार का प्रतीक है। मंधाना की आकर्षक स्ट्रोक प्ले और पावर हिटिंग युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ऐसी पारी खेलना आसान नहीं था, लेकिन मंधाना ने इसे आसान बना दिया। भारतीय फैंस अब तीसरे मैच में उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी पर नजरें टिकाए हुए हैं। यह जीत महिला क्रिकेट में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाती है।
