Tuesday, October 27, 2026
Latest:
राजनीति

राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा का अंतिम चरण: पटना में महारैली से महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, हेमंत सोरेन समेत बड़े नेता शामिल

राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा का अंतिम चरण: पटना में महारैली से महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, हेमंत सोरेन समेत बड़े नेता शामिल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा बिहार में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी और 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में भव्य समापन होगा। 16 दिनों की यह यात्रा 1300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर 20 से अधिक जिलों से गुजरी है, जहां राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मतदाता अधिकारों पर जोर दिया। यात्रा का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ है, जिसमें बिहार की वोटर लिस्ट से 65 लाख नाम काटे गए। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया गरीब, दलित, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों को वोटिंग अधिकार से वंचित करने की साजिश है, जो लोकतंत्र पर हमला है।

यात्रा के अंतिम चरण में इंडिया गठबंधन की एकजुटता दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, 31 अगस्त को विश्राम के बाद 1 सितंबर की पटना रैली में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विशेष रूप से शामिल होंगे। हेमंत बिहार पहुंचकर जनता को संबोधित करेंगे, जहां झारखंड सरकार के कई मंत्री, महागठबंधन के नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हेमंत की भागीदारी से विपक्षी एकता मजबूत होगी, खासकर आदिवासी और पिछड़े वोट बैंक में। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, डीएमके नेता एम.के. स्टालिन, उनकी बहन कनिमोझी समेत देशभर से बड़े नेता रैली में शिरकत करेंगे। प्रियंका गांधी वाड्रा, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया पहले ही यात्रा में शामिल हो चुके हैं। यह रैली महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन बनेगी, जहां ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सिद्धांत को बचाने पर जोर दिया जाएगा।

यात्रा की शुरुआत राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने हरी झंडी दिखाकर की थी। तेजस्वी यादव लगातार राहुल के साथ नजर आ रहे हैं। राहुल ने कई रैलियों में कहा कि भाजपा, आरएसएस और चुनाव आयोग मिलकर ‘वोट चोरी’ कर रहे हैं। आरा में उन्होंने दावा किया कि यह संविधान पर हमला है, और बिहार में ऐसा नहीं होने देंगे। यात्रा ने महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक के उदाहरण दिए, जहां कथित फर्जी वोटरों से चुनाव प्रभावित हुए। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है, कहा कि SIR डुप्लिकेट और मृत वोटरों को हटाने के लिए था। लेकिन विपक्ष सुप्रीम कोर्ट में मामला लड़ रहा है, जहां नाम कटने की वजहें बताने की मांग है।

यह यात्रा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। महागठबंधन का दावा है कि SIR से गरीबों की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है, लेकिन जनता जाग चुकी है। यात्रा ने युवाओं, किसानों और महिलाओं को जोड़ा है। पटना रैली के बाद यह राष्ट्रीय आंदोलन बन सकती है। बिहार की जनता को अपील है कि वोटर लिस्ट चेक करें और नाम जोड़वाएं। यह न सिर्फ चुनावी मुद्दा, बल्कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है। उम्मीद है कि रैली से विपक्ष को नई ऊर्जा मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *