दिग्वेश राठी पर फिर एक्शन! DPL मैच में झगड़े के बाद 4 खिलाड़ियों पर भी लगा भारी फाइन
दिग्वेश राठी पर फिर एक्शन! DPL मैच में झगड़े के बाद 4 खिलाड़ियों पर भी लगा भारी फाइन
दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2025 के एलिमिनेटर मुकाबले में हंगामा मच गया। साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज और वेस्ट दिल्ली लायंस के बीच अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया यह मैच न सिर्फ रोमांचक था, बल्कि खिलाड़ियों के बीच भिड़ंत ने सबको चौंका दिया। दिग्वेश राठी, जो IPL में अपनी ‘नोटबुक’ सेलिब्रेशन के लिए मशहूर हैं, इस बार फिर मुश्किल में फंस गए। मैच के दौरान राठी और वेस्ट दिल्ली के कप्तान नितीश राणा के बीच तीखी बहस हो गई, जिसके बाद लीग ने सख्त कदम उठाया।
मैच में साउथ दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 201 रन बनाए। जवाब में वेस्ट दिल्ली ने नितीश राणा की धमाकेदार 134 रनों की पारी (55 गेंदों पर 8 चौके और 15 छक्के) की बदौलत 17.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। लेकिन यह जीत दागदार रही। राठी ने गेंदबाजी के दौरान बीच में रुककर राणा को चिढ़ाया, तो राणा ने अगली गेंद पर स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की। फिर राणा ने राठी को रिवर्स स्वीप पर छक्का जड़ दिया और राठी की ही स्टाइल में ‘नोटबुक’ सेलिब्रेशन किया। इससे गुस्साए राणा राठी की ओर बढ़े, और दोनों के बीच धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। अंपायर और खिलाड़ियों ने किसी तरह उन्हें रोका।
इसके अलावा, मैच के 11वें ओवर में वेस्ट दिल्ली के कृष्ण यादव को आउट करने के बाद साउथ दिल्ली के अमन भारती ने उन्हें भद्दी गालियां दीं। यादव ने जवाब में बैट इशारा किया और गंदी भाषा का इस्तेमाल किया। फिर सुमित माथुर भी बीच में कूद पड़े, जिससे झगड़ा और भड़क गया। नितीश राणा ने खुद माथुर को रोका।
DPL ने शनिवार को ऐलान किया कि दिग्वेश राठी पर 80% मैच फीस का फाइन लगा है, क्योंकि उनका व्यवहार खेल की भावना के खिलाफ था। नितीश राणा पर 50% फाइन, क्योंकि उन्होंने अपमानजनक इशारा किया। कृष्ण यादव पर सबसे ज्यादा 100% फाइन, गालियों और बैट इशारे के लिए। सुमित माथुर पर 50% और अमन भारती पर 30% फाइन लगा। ये सभी कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के लिए हैं।
यह घटना IPL की याद दिलाती है, जहां राठी पहले भी इसी सेलिब्रेशन के कारण सस्पेंड हो चुके थे। DPL आयोजकों ने कहा कि वे खेल की गरिमा बनाए रखेंगे। अब वेस्ट दिल्ली क्वालीफायर-2 में ईस्ट दिल्ली रायडर्स से भिड़ेगी। यह मैच साबित करता है कि क्रिकेट में जज्बा तो जरूरी है, लेकिन अनुशासन भी उतना ही महत्वपूर्ण। कुल मिलाकर, यह हंगामा लीग को सुर्खियों में ला रहा है, लेकिन खिलाड़ियों को सतर्क रहना होगा।
