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पंजाब चुनाव से पहले खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर: खालिस्तान नेशनल आर्मी और ISI की बड़ी साजिश बेनकाब

पंजाब चुनाव से पहले खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर: खालिस्तान नेशनल आर्मी और ISI की बड़ी साजिश बेनकाब

​नई दिल्ली: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले देश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां अत्यधिक सतर्क हो गई हैं। खुफिया सूचनाओं के मुताबिक, प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ एक बार फिर सक्रिय हो गया है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) तथा आतंकी शहजाद भट्टी के साथ मिलकर भारत में बड़े हमलों की साजिश रच रहा है। आतंकियों के निशाने पर पंजाब के अलावा हरियाणा, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्य भी हैं।

​’फुट सोल्जर’ नेटवर्क: सुरक्षा एजेंसियों ने डिकोड की ISI की साजिश

​खुफिया एजेंसियों ने जांच में पाया है कि पाकिस्तान, कनाडा और अजरबैजान में बैठे खालिस्तानी आका सोशल मीडिया के जरिए भारत में कम उम्र के लड़कों को बरगला रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें ‘फुट सोल्जर’ (Foot Soldier) नाम दिया है।

​उम्र और बैकग्राउंड: ये लड़के 17 से 25 साल के हैं और इनका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता, जिससे इन पर शक करना मुश्किल होता है।

​नेटवर्क: सूत्रों के अनुसार, देश भर में ऐसे करीब 1500 फुट सोल्जर्स का नेटवर्क तैयार किया जा चुका है।

​धमकी भरे ई-मेल्स ने मचाया हड़कंप

​हाल ही में खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से अलग-अलग राज्यों को भेजे गए तीन ई-मेल्स ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है:

​पंजाब और हरियाणा (4 जून): हरियाणा के पंचकुला सचिवालय और पंजाब में आए एक मेल में सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। साथ ही अमृतसर के दुर्गियाना मंदिर, पठानकोट के मुक्तेश्वर मंदिर, जालंधर के देवी तालाब मंदिर, बठिंडा के मैसर मंदिर और पटियाला के काली देवी मंदिर को निशाना बनाने की बात कही गई थी।

​महाराष्ट्र (10 जून): पुणे नगर निगम, मुंबई के विधान भवन और नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय को उड़ाने की धमकी मिली।

​गुजरात (12 जून): गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भी इसी तरह का एक धमकी भरा ई-मेल भेजा गया।

​भले ही सघन तलाशी के बाद इन मेल्स को ‘हॉक्स’ (झूठी अफवाह) करार दिया गया, लेकिन एजेंसियां इसे सुरक्षा तंत्र को लापरवाह करने की एक सोची-समझी रणनीति मान रही हैं।

​सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई: ‘ऑपरेशन बाउंड डाउन’

​खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, और यूपी, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान व हरियाणा की एंटी-टेरर यूनिट्स (ATS/STF) ने एक हाई-लेवल मीटिंग की। इसके बाद देश भर में ‘ऑपरेशन बाउंड डाउन’ चलाया गया, जिसके तहत विभिन्न राज्यों से 1,000 से अधिक संदिग्ध लड़कों को हिरासत में लिया गया। उनके परिवारों को उनकी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की जानकारी दी गई और बाद में एक अंडरटेकिंग (शपथ पत्र) लिखवाकर उन्हें छोड़ दिया गया।

​टेरेरिस्ट-गैंगस्टर नेक्सस के निशाने पर प्रमुख धार्मिक स्थल

​NIA की जांच में सामने आया है कि खालिस्तानी आतंकियों और लोकल गैंगस्टर्स का यह गठजोड़ पुलिस कर्मियों की टारगेट किलिंग, पावर हाउस और रेलवे स्टेशनों के अलावा कई प्रमुख हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने की फिराक में है। इनके निशाने पर मुख्य रूप से हैं:

​अयोध्या का राम मंदिर

​दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर, कालकाजी मंदिर और लोटस टेंपल

​नागपुर और दिल्ली के RSS दफ्तर

​सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पंजाब में हाल ही में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले और थानों पर हैंड ग्रेनेड फेंकने की घटनाओं के तार सीधे तौर पर इसी पुनर्जीवित हुए खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े हैं। फिलहाल सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

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