BRICS सम्मेलन का नया Logo: ‘परंपरा और आधुनिकता’ का अद्भुत संगम; 11 सदस्य देशों के साथ बढ़ी ब्रिक्स की वैश्विक पहुँच
BRICS सम्मेलन का नया Logo: ‘परंपरा और आधुनिकता’ का अद्भुत संगम; 11 सदस्य देशों के साथ बढ़ी ब्रिक्स की वैश्विक पहुँच
नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन का नया लोगो (Logo) ‘परंपरा’ और ‘आधुनिकता’ के बेहतरीन समन्वय के रूप में सामने आया है। यह प्रतीक चिन्ह ब्रिक्स के मूल सिद्धांतों—सहयोग, समावेशिता, बातचीत और साझा विकास—को वैश्विक मंच पर मजबूती से रेखांकित करता है।
1. BRICS Logo की प्रमुख विशेषताएँ और सांस्कृतिक महत्व
रंग-बिरंगी पंखुड़ियाँ: लोगो में बनी पंखुड़ियाँ ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के राष्ट्रीय ध्वजों के रंगों को दर्शाती हैं, जो उनकी सामूहिक एकजुटता, विविधता और अखंडता का प्रतीक हैं।
’नमस्ते’ की मुद्रा: लोगो के ठीक केंद्र में ‘नमस्ते’ की मुद्रा को उकेरा गया है, जो भारतीय संस्कृति की गर्मजोशी, परस्पर सम्मान और वैश्विक सहयोग की भावना को प्रदर्शित करती है।
तीन मुख्य स्तंभ: यह विजुअल पहचान ब्रिक्स के तीन प्राथमिक स्तंभों—राजनीतिक व सुरक्षा सहयोग, आर्थिक व वित्तीय साझेदारी, तथा जन-से-जन (People-to-People) के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान—को दर्शाती है।
2. 11 देशों का समूह और वैश्विक प्रभाव
विस्तारित सदस्य देश: ब्रिक्स का दायरा बढ़कर अब 11 देशों का हो चुका है। इसमें भारत, ब्राज़ील, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं।
ग्लोबल इकोनॉमी में बड़ा योगदान: 11 सदस्य देशों का यह शक्तिशाली समूह दुनिया की 49.5% आबादी, वैश्विक GDP का 40% और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 26% प्रतिनिधित्व करता है।
भौगोलिक एवं संसाधन संपन्नता: एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका तक विस्तार होने से ब्रिक्स के पास विशाल बाजार, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन और उन्नत तकनीकी क्षमताओं का समावेश हुआ है।
