शिमला जिला परिषद पर भाजपा का ऐतिहासिक कब्जा: 25 साल बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज, कांग्रेस को झटका
शिमला जिला परिषद पर भाजपा का ऐतिहासिक कब्जा: 25 साल बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज, कांग्रेस को झटका
शिमला: कांग्रेस का मजबूत गढ़ माने जाने वाले शिमला में भारतीय जनता पार्टी ने करीब 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत हासिल कर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। गुरुवार को बचत भवन में आयोजित चुनाव प्रक्रिया में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने कांग्रेस प्रत्याशियों को पराजित किया।
1. चुनावी नतीजे और वोटों का गणित
अध्यक्ष पद: भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह सिसोदिया नए अध्यक्ष चुने गए। उन्हें कुल 13 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेंद्र रेटका को 10 मत प्राप्त हुए। चुनाव में 2 वोट अमान्य (Invalid) घोषित किए गए।
उपाध्यक्ष पद: निर्दलीय भरत सिंह कलान्टा उपाध्यक्ष पद पर विजयी रहे। उन्हें 14 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी को 10 मतों से संतोष करना पड़ा। उपाध्यक्ष पद के लिए 1 वोट रद्द हुआ।
2. राजनीतिक बयानबाजी और प्रतिक्रियाएं
भाजपा का रुख (2027 चुनाव का संकेत): भाजपा सांसद हर्ष महाजन और सिकंदर कुमार ने इस जीत को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के खिलाफ जनता का स्पष्ट जनादेश बताया। महाजन ने कहा कि शिमला जिले ने वर्तमान सरकार को नकार दिया है और यह परिणाम 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों की दिशा तय करता है।
नवनियुक्त नेतृत्व का बयान: नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने देरी से चुनाव कराने को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में हुई देरी की वजह से सदस्यों और जनता में भारी रोष था, जिसका असर नतीजों में देखने को मिला।
मुद्दों को उठाने का वादा: नवनियुक्त पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे।
