उत्तराखंड के चार नेताओं पर तीन साल का चुनावी प्रतिबंध, 2027 चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई
उत्तराखंड के चार नेताओं पर तीन साल का चुनावी प्रतिबंध, 2027 चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार नेताओं पर तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10A के तहत की गई है।
जिन चार नेताओं पर कार्रवाई हुई है, उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में अलग-अलग सीटों से चुनाव लड़ा था। आयोग के अनुसार, इन नेताओं ने चुनावी खर्च का निर्धारित ब्यौरा संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराया। नोटिस भेजे जाने के बाद मिले जवाब से भी आयोग संतुष्ट नहीं हुआ।
इन चार नेताओं पर लगा प्रतिबंध
रामानन्द सिंह — चकराता विधानसभा क्षेत्र (15)
जगजीत सिंह — ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र (24)
कमलेश माथुर — राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र (20)
बलबीर कुमार तलवार — धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र (18)
निर्वाचन आयोग के आदेश के मुताबिक, प्रतिबंध की अवधि में ये नेता संसद के किसी सदन, राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की विधानसभा अथवा विधान परिषद के सदस्य के रूप में निर्वाचित होने या चुने जाने के लिए अयोग्य रहेंगे।
चुनावी खर्च का ब्यौरा नहीं देने पर कार्रवाई
बताया गया है कि 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद इन चारों उम्मीदवारों से चुनावी खर्च का विवरण मांगा गया था। निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उनके जवाब आयोग को संतोषजनक नहीं लगे।
इसके बाद उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मामले की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग को भेजी। आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 10A के तहत कार्रवाई करते हुए चारों पर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग की यह कार्रवाई उत्तराखंड की चुनावी तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
