परंदूर एयरपोर्ट पर विधानसभा में घमासान, ‘दामाद’ को लेकर भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष
परंदूर एयरपोर्ट पर विधानसभा में घमासान, ‘दामाद’ को लेकर भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्तावित परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को रद्द करने के मुद्दे पर चर्चा के दौरान बहस अचानक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ‘जी स्क्वायर मापिल्लै’ और ‘लॉटरी मापिल्लै’ जैसे शब्दों को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। एयरपोर्ट परियोजना को लेकर शुरू हुई चर्चा राजनीतिक परिवारों और कारोबारी संबंधों तक पहुंच गई।
कानून मंत्री ने DMK पर साधा निशाना
परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को रद्द करने के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कानून मंत्री निर्मल कुमार ने पिछली DMK सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि परियोजना को ऐसे तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा था, जिससे एयरपोर्ट के आसपास कथित तौर पर काला धन निवेश करने वालों को फायदा पहुंच सकता था।
अपने भाषण में उन्होंने ‘जी स्क्वायर मापिल्लै’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे DMK अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के दामाद सबरिसन की ओर इशारा माना गया। इस टिप्पणी के बाद DMK विधायकों ने विधानसभा में विरोध जताया।
DMK ने ‘लॉटरी मापिल्लै’ से किया पलटवार
पूर्व वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने सत्ता पक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर सरकार नए एयरपोर्ट के लिए नई जगह तलाश रही है, तो यह सवाल भी पूछा जा सकता है कि कहीं यह फैसला ‘लॉटरी मापिल्लै’ के हित में तो नहीं लिया जा रहा।
इस टिप्पणी को लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुना की ओर संकेत माना गया। उनकी पत्नी डेजी, लॉटरी कारोबारी सैंटियागो मार्टिन की बेटी हैं। इसके बाद विधानसभा में एयरपोर्ट परियोजना पर चर्चा व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोपों में बदल गई।
विवाद विधानसभा से बाहर भी पहुंचा
मामला विधानसभा तक सीमित नहीं रहा। AIADMK विधायक लीमा रोज ने अपील की कि उनके पति को राजनीतिक विवाद में न घसीटा जाए। उन्होंने कहा कि उनके पति का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके दामाद आधव अर्जुना अब लॉटरी कारोबार से जुड़े नहीं हैं।
किसानों के विरोध के बाद रद्द हुई परियोजना
परंदूर एयरपोर्ट परियोजना लंबे समय से किसानों के विरोध का सामना कर रही थी। किसानों का कहना था कि एयरपोर्ट बनने से बड़ी संख्या में परिवारों का विस्थापन होगा और उपजाऊ कृषि भूमि तथा जल स्रोत प्रभावित होंगे।
मुख्यमंत्री विजय की अगुआई वाली TVK सरकार ने किसानों के विरोध को देखते हुए परियोजना रद्द करने का फैसला लिया। विजय ने पार्टी गठन के बाद परंदूर का दौरा कर आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया था और सत्ता में आने पर परियोजना को लागू नहीं करने का वादा किया था।
चेन्नई एयरपोर्ट पर बनेगा नया टर्मिनल
सरकार ने परंदूर परियोजना के विकल्प के तौर पर चेन्नई एयरपोर्ट की यात्री क्षमता बढ़ाने के लिए पांचवां टर्मिनल बनाने की योजना सामने रखी है। सरकार का कहना है कि भविष्य में एयरपोर्ट के लिए ऐसी जगह तलाश की जाएगी, जहां बड़े पैमाने पर विस्थापन न हो और जल निकायों को नुकसान भी न पहुंचे।
हालांकि, विपक्ष का कहना है कि इतने बड़े एयरपोर्ट के लिए उपयुक्त वैकल्पिक जमीन तलाशना आसान नहीं होगा।
DMK ने विकास और निवेश पर जताई चिंता
DMK ने परियोजना रद्द करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे तमिलनाडु के विकास और निवेश की संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। पार्टी का तर्क है कि बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट रद्द होने से भविष्य के निवेशक दूसरे राज्यों का रुख कर सकते हैं।
सरकार ने गिनाए पर्यावरणीय फायदे
उद्योग मंत्री एस. कीर्तना ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन का इस्तेमाल वैकल्पिक औद्योगिक परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है। इससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का दावा किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि परंदूर क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि और जल निकायों को नुकसान पहुंचने से चेन्नई में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता था। उनके मुताबिक क्षेत्र की नहरें चेम्बरमबक्कम झील और अड्यार नदी की ओर पानी के प्रवाह और निकासी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विकास बनाम पर्यावरण की लड़ाई
परंदूर एयरपोर्ट का मुद्दा अब सिर्फ नए एयरपोर्ट की जगह तय करने तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ सरकार किसानों, पर्यावरण और जल निकायों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कर रही है, जबकि DMK विकास, निवेश और बुनियादी ढांचे को लेकर सवाल उठा रही है। इसी बीच विधानसभा में हुई ‘जी स्क्वायर मापिल्लै’ बनाम ‘लॉटरी मापिल्लै’ वाली बयानबाजी ने विवाद को और राजनीतिक बना दिया है।
