अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान से ईसाई महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील
अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान से ईसाई महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील
वॉशिंगटन। अमेरिका के 11 सांसदों ने पाकिस्तान सरकार से 18 वर्षीय ईसाई महिला नेहा फकीर की सुरक्षा और मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। अमेरिकी कांग्रेस सदस्य क्रिस स्मिथ के नेतृत्व में सांसदों ने मामले को लेकर पाकिस्तान के संघीय कानून एवं न्याय मंत्री आजम नजीर तरार को पत्र भेजा है।
अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप
नेहा फकीर के परिवार का आरोप है कि मार्च में उसका कथित तौर पर अपहरण किया गया और बाद में उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसे इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। परिवार की ओर से उसे वापस लाने के लिए दायर याचिका को पाकिस्तान की एक अदालत ने खारिज कर दिया था।
क्रिस स्मिथ ने कहा कि नेहा के लापता होने और उसके बाद धर्म परिवर्तन की परिस्थितियां उसकी सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और बिना दबाव अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की क्षमता को लेकर गंभीर सवाल उठाती हैं।
परिवार और वकील से संपर्क की मांग
अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान सरकार से नेहा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उसे स्वतंत्र कानूनी सलाहकार से गोपनीय रूप से संपर्क करने की सुविधा देने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि नेहा को अपने परिवार से स्वतंत्र और निजी तौर पर बातचीत करने का अवसर मिलना चाहिए।
सांसदों ने पाकिस्तान के संविधान में धार्मिक स्वतंत्रता और कानून के समक्ष समानता के अधिकारों का हवाला देते हुए मामले में न्यायिक व्यवस्था के तहत आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
लाहौर के मदरसे में मिली थी नेहा
‘क्रिश्चियन सॉलिडैरिटी इंटरनेशनल’ ने जून में इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। संगठन के अनुसार, नेहा 24 मार्च को सिलाई सीखने के लिए घर से निकली थी, जिसके बाद वह लापता हो गई। बाद में उसके लाहौर के एक मदरसे में मिलने की जानकारी सामने आई, जहां उसके कथित धर्म परिवर्तन की बात कही गई।
अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान से मामले की निष्पक्ष जांच और नेहा के अधिकारों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।
