नेपाल में बाढ़ से 270 मौतें, 800 से ज्यादा लापता; करीब 300 भारतीयों का भी पता नहीं
नेपाल में बाढ़ से 270 मौतें, 800 से ज्यादा लापता; करीब 300 भारतीयों का भी पता नहीं
काठमांडू। नेपाल में बुधवार को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, गुरुवार दोपहर तक मृतकों की संख्या 270 पहुंच गई, जबकि 800 से ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। नदी के बहाव की दिशा में पड़ने वाले कई जिलों से अब भी शव बरामद किए जा रहे हैं।
कई जिलों में भारी तबाही
बाढ़ का असर रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी समेत कई इलाकों में हुआ है। पुलिस के अनुसार सबसे ज्यादा 108 शव चितवन से मिले हैं। इसके अलावा नवलपरासी ईस्ट से 62, धादिंग से 27 और रसुवा से 17 शव बरामद किए गए हैं।
बाढ़ से घरों के साथ पनबिजली परियोजनाओं, कस्टम कार्यालयों और बिजली के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में रास्ते टूटने के कारण राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
करीब 300 भारतीयों के लापता होने की खबर
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि बाढ़ के बाद करीब 300 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना है। इनमें बड़ी संख्या उन तीर्थयात्रियों की बताई जा रही है जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आपदा प्रभावित क्षेत्र से गुजर रहे थे।
खनाल के मुताबिक, करीब 500 विदेशी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। नेपाल सरकार संबंधित देशों के दूतावासों के साथ मिलकर लापता लोगों की जानकारी जुटा रही है।
पनबिजली परियोजनाओं के कर्मचारी भी लापता
बाढ़ से कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल (IPPAN) के अनुसार, अपर त्रिशूली-1 परियोजना में काम करने वाले 76 कर्मचारी लापता हैं। इनमें नेपाली और विदेशी कर्मचारी शामिल हैं।
इसके अलावा रसुवागढ़ी परियोजना के 51, मैलुंग खोला परियोजना के 8 और रसुवा भोटेकोशी परियोजना के 2 कर्मचारी भी लापता बताए गए हैं।
विदेशी सरकारों ने जताई चिंता
आपदा के बाद ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और मलेशिया समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को लेकर चिंता जताई है। इन देशों की सरकारों ने नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में होने और जरूरत पड़ने पर कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
नेपाल में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि खराब मौसम और क्षतिग्रस्त रास्तों के बावजूद बचाव अभियान लगातार जारी है।
