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कैलिफोर्निया विधानसभा ने दिवाली को दी आधिकारिक मान्यता, भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रति जताया सम्मान

कैलिफोर्निया विधानसभा ने दिवाली को दी आधिकारिक मान्यता, भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रति जताया सम्मान

कैलिफोर्निया। कैलिफोर्निया की स्टेट असेंबली ने दिवाली को आधिकारिक रूप से मान्यता देते हुए राज्य और दुनियाभर में रहने वाले भारतीय-अमेरिकियों तथा भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रति अपना “गहरा सम्मान” व्यक्त किया है। विधानसभा ने लोगों से दिवाली के आयोजनों में शामिल होने की भी अपील की है।

8 नवंबर को मनाई जाएगी दिवाली

हाउस रिजॉल्यूशन 137 में इस वर्ष 8 नवंबर को मनाई जाने वाली दिवाली को मान्यता दी गई है। यह प्रस्ताव असेंबली सदस्यों दर्शना पटेल और ऐश कालरा ने 13 अगस्त को पेश किया था। नियम समिति में विचार के बाद प्रस्ताव को विधानसभा ने पारित कर दिया।

प्रस्ताव को कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई सदस्यों का समर्थन भी मिला।

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने जताई खुशी

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने सोशल मीडिया पर प्रस्ताव पारित होने की जानकारी साझा की। संगठन ने कहा कि कैलिफोर्निया का दिवाली प्रस्ताव आधिकारिक रूप से अपनाया गया है।

फाउंडेशन ने दर्शना पटेल और ऐश कालरा को दिवाली के महत्व को मान्यता देने और प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में उनके नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया। संगठन ने दर्शना पटेल के कार्यालय को प्रस्ताव की भाषा पर परामर्श के लिए संपर्क करने और समुदाय को प्रक्रिया में योगदान का अवसर देने के लिए भी आभार जताया।

हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों का प्रमुख पर्व

प्रस्ताव में दिवाली को भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई-अमेरिकी समुदायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण त्योहार बताया गया है। इसमें कहा गया है कि हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय अमेरिका समेत दुनिया के कई हिस्सों में हर वर्ष दिवाली मनाते हैं।

प्रस्ताव के मुताबिक, दिवाली को दीपावली भी कहा जाता है, जिसका अर्थ “दीपों की एक पंक्ति” है। यह पर्व परिवारों, दोस्तों और समुदायों को एक साथ जोड़ने वाला अवसर है।

‘अंधकार पर प्रकाश की विजय’ का प्रतीक

कैलिफोर्निया विधानसभा ने कहा कि दिवाली के दौरान जलाए जाने वाले दीपक अंधकार की पराजय और प्रकाश की विजय का प्रतीक हैं।

प्रस्ताव में दिवाली की परंपराओं को बुराई पर अच्छाई की जीत, सकारात्मकता, विनम्रता और संघर्षों पर विजय के संदेश से जोड़ा गया है। साथ ही, इसे आत्मचिंतन, ज्ञान, दयालुता और सकारात्मक बदलाव के लिए प्रतिबद्ध होने का अवसर बताया गया है।

कई समुदायों के लिए नए साल की शुरुआत

प्रस्ताव में कहा गया है कि कई भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई-अमेरिकी समुदायों के लिए दिवाली नए वर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है।

विधानसभा के अनुसार, दिवाली परिवार और समुदाय के साथ जुड़ने, पुरानी परंपराओं को आगे बढ़ाने और अपनत्व की भावना मजबूत करने का अवसर देती है। साथ ही, यह लोगों को ज्ञान, विकास और खुशी के प्रति प्रतिबद्ध होने की प्रेरणा देती है।

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