राजनीति

पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र के लिए स्थायी राजनीतिक समाधान की तैयारी, अमित शाह की अध्यक्षता में सिलिगुड़ी में अहम बैठक

पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र के लिए स्थायी राजनीतिक समाधान की तैयारी, अमित शाह की अध्यक्षता में सिलिगुड़ी में अहम बैठक

सिलिगुड़ी। पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से लंबित राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर शनिवार को सिलिगुड़ी में अहम बैठक हुई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा पहाड़ी क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में पहाड़ी क्षेत्र के लोगों की अलग पहचान, स्थायी राजनीतिक समाधान और संविधान के तहत उचित मान्यता समेत कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखीं।

संविधान के दायरे में समाधान का भरोसा

अमित शाह ने पहाड़ी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि भारत के संविधान के दायरे में जल्द ही स्थायी राजनीतिक समाधान तलाशा जाएगा। उन्होंने पहाड़ी समुदाय की अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।

केंद्र सरकार की ओर से क्षेत्र के विकास और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। बैठक में राजनीतिक, सामाजिक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ विकास से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

स्थायी समाधान के लिए बनेगी समिति

बैठक में स्थायी राजनीतिक समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला लिया गया। समिति की अध्यक्षता पूर्व उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और मौजूदा वार्ताकार पंकज कुमार सिंह करेंगे।

यह समिति स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए आवश्यक तौर-तरीकों को अंतिम रूप देगी और प्रस्तावित समझौते की रूपरेखा तैयार करेगी। इसमें पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र के लोगों की मांगों और उनसे जुड़े प्रमुख मुद्दों को शामिल किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया संविधान के दायरे में आगे बढ़ाई जाएगी।

कई प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में पहाड़ी क्षेत्र के कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें सांसद राजू बिस्ता और हर्षवर्धन सिंगला, जीजेएम नेता बिमल गुरुंग, जीएनएलएफ नेता मान घीसिंग, विधायक भरत छेत्री, सोनम लामा और नोमन राई शामिल रहे।

इसके अलावा सीपीआरएम नेता जेबी राई, गोरानिमो नेता दावा पाखरीन और सुमेती नेता बिकाश राई समेत कई अन्य प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार और मांगें सामने रखीं।

सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बैठक

बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी के रुख की सराहना करते हुए उनके सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए आभार जताया।

इस बैठक को पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से लंबित राजनीतिक मुद्दों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब निगाहें पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में बनने वाली समिति पर हैं, जो स्थायी राजनीतिक समाधान और अंतिम समझौते की रूपरेखा तैयार करेगी।

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