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रावलपिंडी में बढ़ाई गई सुरक्षा, 6 महीने के लिए तैनात होंगी सेना की 3 कंपनियां; PTI के लॉन्ग मार्च से पहले बढ़ी हलचल

रावलपिंडी में बढ़ाई गई सुरक्षा, 6 महीने के लिए तैनात होंगी सेना की 3 कंपनियां; PTI के लॉन्ग मार्च से पहले बढ़ी हलचल

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के संवेदनशील सैन्य शहर रावलपिंडी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। गृह मंत्रालय ने यहां पाकिस्तान सेना की तीन कंपनियों को छह महीने के लिए तैनात करने की मंजूरी दी है। आधिकारिक आदेश के मुताबिक यह फैसला पंजाब सरकार के अनुरोध पर लिया गया है और इसका उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटना है।

आर्टिकल 245 के तहत सेना की तैनाती

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय का 21 अगस्त का आदेश संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत जारी किया गया है। इसके तहत संघीय सरकार नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए सशस्त्र बलों को तैनात कर सकती है।

आदेश में कहा गया है कि रावलपिंडी में सेना की तीन कंपनियां ‘संवेदनशील सुरक्षा कार्यों’ के लिए तत्काल प्रभाव से तैनात रहेंगी। यह व्यवस्था छह महीने तक लागू रहेगी।

PTI से जुड़ी घटनाओं के बाद बढ़ी चर्चा

हालांकि सरकार ने इसे सुरक्षा संबंधी जरूरत बताया है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इसके पीछे राजनीतिक परिस्थितियों को भी अहम कारण माना जा रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, 11 अगस्त को रावलपिंडी के मॉल रोड पर गोलीबारी की घटना हुई थी। इसमें एक सुरक्षा अधिकारी घायल हुआ था और कथित हमलावर जवाबी कार्रवाई में मारा गया था। पाकिस्तानी अधिकारियों ने हमलावर को एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा बताया था, जबकि सुरक्षा सूत्रों ने उसके PTI से सक्रिय रूप से जुड़े होने का दावा किया।

घटना के बाद पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने PTI पर हिंसा और अशांति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। हालांकि, ऐसे राजनीतिक आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों के अपने-अपने दावे हैं।

27 सितंबर को लॉन्ग मार्च का ऐलान

रावलपिंडी में सेना की तैनाती ऐसे समय हुई है जब PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी के नेताओं के मुताबिक यह फैसला सहयोगी दलों के साथ चर्चा के बाद लिया गया।

PTI ने अपने संस्थापक इमरान खान की रिहाई, उनकी पत्नी की रिहाई, संवैधानिक शासन की बहाली, महंगाई से राहत और लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली जैसी मांगें उठाई हैं।

इमरान खान के इलाज का मुद्दा भी गरम

इसी बीच इमरान खान के इलाज को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तनाव बना हुआ है। विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए अदालत का रुख करने की बात कही है।

ऐसे में रावलपिंडी में सेना की अतिरिक्त तैनाती को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सरकार इसे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे PTI के आगामी आंदोलन की पृष्ठभूमि में देख रहा है।

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