Saturday, October 31, 2026
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पुत्रदा एकादशी 2026: 23 अगस्त को रखें व्रत, जानें भगवान विष्णु की पूजा विधि

पुत्रदा एकादशी 2026: 23 अगस्त को रखें व्रत, जानें भगवान विष्णु की पूजा विधि

नई दिल्ली। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त 2026, रविवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना से रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है।

पुत्रदा एकादशी 2026: तिथि और शुभ योग

इस वर्ष एकादशी तिथि 23 अगस्त को सुबह से लेकर 24 अगस्त की भोर 4:19 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग शाम 5:44 बजे तक और मूल नक्षत्र शाम 5:45 बजे तक रहने का उल्लेख है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की आराधना और व्रत करने से संतान के कल्याण और परिवार की समृद्धि की कामना की जाती है।

पुत्रदा एकादशी की पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

पूजा स्थल की साफ-सफाई करके एक चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं।

चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

घी का दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें।

हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।

भगवान विष्णु को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराएं।

पीला चंदन, रोली और अक्षत अर्पित करें।

भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।

फूल और माला चढ़ाएं तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें।

पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।

विष्णु चालीसा का पाठ करते हुए संतान के सुख, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करें।

अंत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें।

पूजा में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना कर भगवान को प्रणाम करें।

ध्यान दें: पुत्रदा एकादशी से जुड़ी तिथि, योग और पूजा संबंधी बातें पंचांग तथा धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं। संतान प्राप्ति या स्वास्थ्य से संबंधित किसी समस्या के लिए धार्मिक उपायों को चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

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