पाक विदेश मंत्री के वीडियो संदेश पर भारत का करारा जवाब: “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, पाक रोके POJK में खून-खराबा”
पाक विदेश मंत्री के वीडियो संदेश पर भारत का करारा जवाब: “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, पाक रोके POJK में खून-खराबा”
नई दिल्ली: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के 7 साल पूरे होने पर पाकिस्तान द्वारा मनाए गए ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ और वहां के उप-प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार की टिप्पणियों पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “दुष्प्रचार फैलाने का निरर्थक राजनीतिक प्रयास” करार दिया।
1. जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा
अंदरूनी मामला: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है।
विकास और सशक्तिकरण: इस फैसले से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को सुशासन, सामाजिक-आर्थिक विकास और लोकतांत्रिक अधिकार मिले हैं। पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है।
2. POJK में मानवाधिकार उल्लंघन पर पाकिस्तान का घेराव
आतंकवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश: भारत ने कहा कि पाकिस्तान की यह छटपटाहट अपने खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड और खुद के ‘वैश्विक आतंकवाद का केंद्र’ होने की छवि से दुनिया का ध्यान भटकाने की साजिश है।
POJK में हिंसा और उत्पीड़न: विदेश मंत्रालय ने उजागर किया कि हाल के हफ्तों में पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) में स्थानीय लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों ने हिंसक कार्रवाई, टारगेट किलिंग और कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
3. भारत की पाकिस्तान को दो टूक सलाह
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को कूटनीतिक ड्रामा बंद करने की हिदायत देते हुए तीन प्रमुख मांगें रखीं:
POJK में हिंसा बंद करे: पाकिस्तानी सुरक्षा बल निहत्थे नागरिकों के खिलाफ राज्य-प्रायोजित हिंसा और खून-खराबा तुरंत रोकें।
टेरर नेटवर्क पर कार्रवाई: पाकिस्तान अपनी सरजमीं से पनप रहे आतंकी ढांचों और नेटवर्क के खिलाफ ठोस कदम उठाए।
अवैध कब्जा खाली करे: भारत के उन सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करे जिन पर उसने गैर-कानूनी और बलपूर्वक कब्जा जमा रखा है।
