Saturday, August 1, 2026
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काराकोरम रेंज की ब्रॉड पीक पर बड़ा हादसा: मशहूर नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की बर्फीले तूफान में मौत

काराकोरम रेंज की ब्रॉड पीक पर बड़ा हादसा: मशहूर नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की बर्फीले तूफान में मौत

​पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित काराकोरम रेंज की 8,051 मीटर ऊंची ब्रॉड पीक (Broad Peak) पर आए भयानक बर्फीले तूफान (एवलांच) में दुनिया के सबसे मशहूर पर्वतारोहियों में से एक निर्मल पुर्जा (Nimsdai Purja) की मौत हो गई है।

​गुरुवार दोपहर आए हिमस्खलन के बाद लापता हुए निर्मल पुर्जा के निधन की पुष्टि उनकी खुद की एक्सपीडिशन कंपनी ‘एलीट एक्सपेड’ (Elite Exped) ने आधिकारिक बयान जारी कर की है।

​1. कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

​अभियान का नेतृत्व: 43 वर्षीय निर्मल पुर्जा अपनी कंपनी ‘एलीट एक्सपेड’ के 10 सदस्यीय दल के साथ ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के अभियान की अगुवाई कर रहे थे।

​लापता दल: गुरुवार दोपहर आए जबरदस्त बर्फीले तूफान के बाद पूरी टीम से संपर्क टूट गया था। इस दल में नेपाल के 6 एथलीटों के अलावा पाकिस्तान (सोहेल सखी), ओमान, अमेरिका और चीन के एक-एक पर्वतारोही शामिल थे।

​2. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने दी श्रद्धांजलि

​नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने निर्मल पुर्जा और उनके साथ जान गंवाने वाले अन्य नेपाली पर्वतारोहियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा:

​”पर्वतारोहण केवल पर्वत की चोटी तक पहुंचना नहीं है; यह अदम्य साहस, अनुशासन, त्याग और इंसानी सीमाओं को पार करने का संकल्प है। निर्मल पुर्जा की शारीरिक यात्रा भले ही समाप्त हो गई हो, लेकिन उनका साहस और योगदान इतिहास के पन्नों में अमर रहेगा।”

​3. कौन थे निर्मल ‘निम्स’ पुर्जा? (करियर और रिकॉर्ड्स)

​14 पीक्स का वर्ल्ड रिकॉर्ड: निर्मल पुर्जा को साल 2019 में वैश्विक प्रसिद्धि मिली, जब उन्होंने दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों पर रिकॉर्ड 6 महीने और 6 दिन में चढ़ाई पूरी की। उन्होंने दक्षिण कोरिया के किम चांग-हो का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचा था।

​नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री: उनके इस अकल्पनीय रिकॉर्ड और साहसिक अभियान पर मशहूर नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री ’14 Peaks: Nothing Is Impossible’ बनाई गई थी, जिसे दुनिया भर में खूब सराहा गया।

​सैन्य पृष्ठभूमि: प्रोफ़ेशनल पर्वतारोही बनने से पहले निर्मल पुर्जा ने 16 सालों तक ब्रिटिश सेना (रॉयल मरीन और स्पेशल बोट सर्विस) में अपनी सेवाएं दी थीं।

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