वृंदावन: प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच में जुटे कई गंभीर सवाल
वृंदावन: प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच में जुटे कई गंभीर सवाल
आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने वृंदावन में हड़कंप मचा दिया है। जबलपुर निवासी दीपक लोधी गुरु कृपा कुंज आश्रम में रह रहे थे, जहां आश्रम की चौथी मंजिल से कूदकर उनकी मृत्यु होने की बात सामने आई है। इस घटना में हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
घटना से जुड़ी मुख्य बातें:
संदिग्ध परिस्थितियां: पुलिस जांच और शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ मिला था और उनके कमरे से खून से सना एक ग्राइंडर बरामद हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इसी ग्राइंडर से प्राइवेट पार्ट काटने की कोशिश के बाद छत से कूदकर आत्महत्या की गई।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई: वृंदावन के सीओ संदीप कुमार सिंह ने बताया कि सर्वोदय अस्पताल से सूचना मिलने पर फॉरेंसिक और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए हैं।
परिजनों के आरोप: जबलपुर से पहुंचे दीपक लोधी के जीजा सोनू पटेल और उनकी मां ने बताया कि दो साल पहले दीक्षा लेने के बाद से परिवार की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई थी। दीपक सामान्य परिवार से थे, बिजली का काम जानते थे और प्रेमानंद महाराज के काफी करीबी शिष्यों में गिने जाते थे।
मामले में उठ रहे प्रमुख सवाल:
यदि यह आत्महत्या का मामला है, तो छत से कूदने से पहले ग्राइंडर से स्वयं का शरीर क्षत-विक्षत करने का प्रयास क्यों किया गया?
चौथी मंजिल से कूदने की इतनी बड़ी घटना की जानकारी पुलिस को देरी से क्यों दी गई?
क्या रसिक दुलारी शरण किसी गंभीर मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में थे या उन पर कोई बाहरी दबाव था?
ग्राइंडर पर लगा खून और घटनास्थल से मिले साक्ष्य क्या केवल आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?
पुलिस इन सभी अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशने के लिए आश्रम के अन्य लोगों से पूछताछ और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
