स्पेन-मोरक्को सीमा पर माइग्रेशन संकट: स्यूटा में 60,000 प्रवासियों की घुसपैठ, भगदड़ में 41 की मौत
स्पेन-मोरक्को सीमा पर माइग्रेशन संकट: स्यूटा में 60,000 प्रवासियों की घुसपैठ, भगदड़ में 41 की मौत
मोरक्को और स्पेन की सीमा पर स्थित स्पेनिश एन्क्लेव स्यूटा (Ceuta) में पिछले 24 घंटों के भीतर हालिया इतिहास का सबसे बड़ा माइग्रेशन (प्रवासन) संकट देखने को मिला है। मोरक्को से लगभग 60,000 से अधिक प्रवासियों ने यूरोपीय क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश की, जिससे मची अफरातफरी में कम से कम 41 प्रवासियों की मौत हो गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पेन ने अपने बलों को सतर्क कर दिया है, जबकि पड़ोसी देश फ्रांस और इटली ने भी अपनी सीमाओं पर नियंत्रण और सख्त कर दिया है।
1. स्यूटा और मेलिला का रणनीतिक महत्व
उत्तरी अफ्रीका के तट पर स्थित स्यूटा (Ceuta) और मेलिला (Melilla) स्पेन के दो ऐसे शहर हैं, जो अफ्रीका महाद्वीप के साथ यूरोपीय संघ (EU) की एकमात्र जमीनी सीमा साझा करते हैं।
स्पेन ईयू का हिस्सा है, इसलिए प्रवासियों के लिए इन शहरों में प्रवेश करने का मतलब सीधे यूरोप में दाखिला पाना होता है।
प्रवासी अक्सर मोरक्को के तटीय शहरों फनिदेक या बेल्योनेच से तैरकर या सीमा पर बनी भारी किलेबंदी वाली बाड़ को फांदकर स्यूटा पहुँचने का प्रयास करते हैं।
2. स्पेन के प्रधानमंत्री का कड़ा रुख और तस्करों पर आरोप
संकट के बीच स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज (Pedro Sánchez) ने स्यूटा का दौरा किया। उन्होंने इस घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:
क्षेत्रीय अखंडता पर हमला: पीएम सांचेज ने इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों के प्रवेश को स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करार दिया।
मानव तस्करों की साजिश: उन्होंने इस त्रासदी के लिए मानव तस्करी (Human Trafficking) के नेटवर्क को जिम्मेदार ठहराया।
पीएम ने कहा— “तस्कर बहुत सारे युवाओं को गुमराह करते हैं और आखिर में उन्हें मौत के मुंह में ढकेल देते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तस्करों के नेटवर्क ने आग की तरह फैलाया और झूठ बोला कि समुद्र के रास्ते पहुंचने पर स्पेन में रहने दिया जाएगा।”
3. अचानक क्यों बढ़ी प्रवासियों की संख्या?
प्रवासियों की इस अभूतपूर्व बाढ़ और घुसपैठ के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारण जिम्मेदार हैं:
स्पैनिश सुप्रीम कोर्ट का फैसला: हाल ही में स्पेन के सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता।
तस्करों का झूठा प्रचार: मानव तस्करी गिरोहों ने कोर्ट के इस फैसले को तोड़-मरोड़ कर मोरक्को में यह अफवाह फैला दी कि यदि कोई समुद्र के रास्ते तैरकर स्यूटा पहुंच जाता है, तो उसे स्पेन में कानूनी रूप से रहने की इजाजत मिल जाएगी।
मोरक्को में आर्थिक संकट: मोरक्को और पड़ोसी अफ्रीकी देशों में बढ़ती बेरोजगारी, गरीबी और बेहतर भविष्य की तलाश ने हजारों युवाओं को इस खतरनाक सफर पर निकलने के लिए उकसाया।
