राजनीति

मुख्य चुनाव आयुक्त पर राहुल गांधी के गंभीर आरोप और प्रियंका गांधी की इस्तीफे की मांग पर भाजपा का तीखा पलटवार

मुख्य चुनाव आयुक्त पर राहुल गांधी के गंभीर आरोप और प्रियंका गांधी की इस्तीफे की मांग पर भाजपा का तीखा पलटवार

​मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक घमासान और तेज हो गया है। केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन के एक पुराने दावे को साझा करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग भी तेज कर दी है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को निराधार और शर्मनाक करार देते हुए कांग्रेस पर करारा पलटवार किया है।

​राहुल गांधी के आरोप और प्रियंका गांधी की मांग:

​’मैच-फिक्सिंग’ का आरोप: राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर केरल के पूर्व चीफ सेक्रेटरी जिजी थॉमसन की पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया कि 2016 में जब ज्ञानेश कुमार एक आईएएस अधिकारी थे, तब उन्होंने कथित तौर पर थॉमसन से संपर्क कर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने और जीतने पर मंत्री पद का प्रस्ताव दिया था। राहुल ने आरोप लगाया कि पहले उनका इस्तेमाल पार्टी में भर्ती के लिए किया गया और अब उन्हें चुनाव में ‘मैच-फिक्सिंग’ का इंचार्ज बना दिया गया है।

​प्रियंका गांधी की मांग: वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयुक्त को दिए गए कानूनी संरक्षण को हटाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सुरक्षा भाजपा सरकार ने आयोग को जवाबदेही से बचाने के लिए दी है। प्रियंका ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन उन्हें हटाने की मांग पर पूरी तरह एकजुट है।

​भाजपा का तीखा पलटवार:

​रविशंकर प्रसाद का बयान: भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के बयानों को ‘बेबुनियाद और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस हिमाचल प्रदेश या तेलंगाना में चुनाव जीतती है, तब चुनाव आयोग, ईवीएम और मतदाता सूची सब ठीक लगते हैं, लेकिन हार मिलने पर आयोग पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं? उन्होंने राहुल गांधी को ‘नॉन-सीरियस राजनेता’ करार देते हुए कहा कि वे अपनी और अपनी पार्टी की लगातार विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहे हैं।

​संबित पात्रा की प्रतिक्रिया: भुवनेश्वर में भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा स्पष्ट किया जा चुका है कि सभी फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर झूठ फैलाने और जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का यह रवैया उसकी अपरिपक्वता को दर्शाता है।

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