चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की मुहिम रंग लाई: नगर पंचायतों ने अभियान चलाकर एकत्र किया 798 टन कचरा
चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की मुहिम रंग लाई: नगर पंचायतों ने अभियान चलाकर एकत्र किया 798 टन कचरा
उत्तराखंड सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आह्वान पर श्रद्धालुओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है, वहीं विभिन्न विभागों और नगर पंचायतों के प्रयासों से इस यात्राकाल में अब तक कुल 798 टन कचरा एकत्र किया जा चुका है।
चारधाम क्षेत्रों में कचरा संग्रहण और प्रबंधन के मुख्य आंकड़े:
बद्रीनाथ धाम: यहां इस यात्रा सीजन में अब तक कुल 393 टन कचरा जमा हो चुका है, जिसमें 161 टन सूखा कूड़ा शामिल है। नगर पंचायत द्वारा सॉलिड वेस्ट को कॉम्पैक्ट कर लगभग 24 टन प्लास्टिक वेस्ट (मुख्यतः पानी की बोतलें) अलग किया गया है, जिसे नीलामी के लिए तैयार किया जा रहा है।
केदारनाथ धाम: केदारनाथ नगर पंचायत क्षेत्र में अब तक कुल 32 टन सॉलिड वेस्ट (जिसमें 20 टन प्लास्टिक शामिल है) एकत्र किया गया है। इसके अलावा, पैदल मार्ग पर सफाई का जिम्मा संभाल रही सुलभ इंटरनेशनल संस्था ने 270 टन सॉलिड वेस्ट जमा किया है, जिसमें से साढ़े छह टन प्लास्टिक वेस्ट रिसाइकिल के लिए भेजा जा चुका है।
गंगोत्री धाम: यहां यात्राकाल में अब तक 98 टन कचरा एकत्र किया गया है। नगर पंचायत ने 22 टन प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल करके ₹55,000 की आय अर्जित की है और कूड़े से ढाई टन खाद भी तैयार की है।
यमुनोत्री धाम: जिला पंचायत के जिम्मा संभालने वाले इस क्षेत्र में 4.85 टन प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया है (जिसमें जानकीचट्टी से डामटा और खरसाली बाजार क्षेत्र शामिल हैं)।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश:
मुख्यमंत्री ने कहा है कि चारधाम हमारी आस्था के साथ-साथ हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सरकार इन्हें प्लास्टिक मुक्त बनाने और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण व रिसाइक्लिंग पर विशेष जोर दे रही है। इस अभियान की सफलता के लिए उन्होंने सरकार के साथ-साथ श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की सहभागिता को भी आवश्यक बताया है।
