NEET धांधली और पेपर लीक पर ‘INDIA’ गठबंधन का हल्लाबोल: मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
NEET धांधली और पेपर लीक पर ‘INDIA’ गठबंधन का हल्लाबोल: मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
संसद के मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक (NEET Controversy) और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने संसद परिसर के मकर द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और TMC सांसद महुआ मोइत्रा समेत विपक्ष के प्रमुख सांसद मौजूद रहे।
’अकाउंट भरने तक ही सीमित है सरकार की जवाबदेही’: अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा:
उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की जवाबदेही केवल ‘अकाउंट (खजाना) भरने’ तक ही सीमित रह गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों में सरकार छात्रों के भविष्य की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
’चर्चा नहीं, पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें’: महुआ मोइत्रा का हमला
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार और पुलिसिया कार्रवाई पर तीखा हमला बोला:
मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सवाल: उन्होंने लगातार स्टेशनों को बंद किए जाने और दिल्ली में सुरक्षा के नाम पर कड़े प्रतिबंधों को लेकर सरकार को घेरा।
सीधे इस्तीफे की मांग: महुआ मोइत्रा ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक सरकार से किसी तरह की चर्चा या बातचीत नहीं होगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट्स पर तंज: पीएम मोदी द्वारा घोषित फास्ट ट्रैक कोर्ट्स पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट्स उन लोगों और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बनने चाहिए जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर लाठियां चलाईं और उन पर FIR दर्ज की।
सामूहिक जिम्मेदारी से इनकार: उन्होंने कहा कि पेपर लीक और प्रशासनिक विफलता की जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार और शिक्षा मंत्रालय की है, इसलिए विपक्ष या देश इसकी सामूहिक जिम्मेदारी क्यों ले?
प्रदर्शन की मुख्य बातें
एकजुट विपक्ष: मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने एकजुट होकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की।
छात्रों के समर्थन में आवाज: नेताओं का कहना है कि वे सड़क से लेकर संसद तक छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।
