दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग ढही, 8 लोगों को निकाला गया; कई अब भी मलबे में दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग ढही, 8 लोगों को निकाला गया; कई अब भी मलबे में दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र सत्य निकेतन में रविवार (6 सितंबर 2026) दोपहर करीब 1:30-1:34 बजे एक बहुमंजिला (लगभग 5-6 मंजिला) पीजी/हॉस्टल बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत में ‘हॉस्टल डेज’ नाम से बॉयज पीजी चल रहा था, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के छात्र रहते थे।
मुख्य अपडेट:
अब तक कम से कम 8 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है। उन्हें इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर सहित नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कई छात्र और मजदूर अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। चश्मदीदों का कहना है कि 20-30 या उससे अधिक लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। मलबे के नीचे से ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाजें भी सुनाई दी थीं।
रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है। मौके पर एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस (8-12 दमकल गाड़ियां), दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, एमसीडी, कैट्स एंबुलेंस, सिविल डिफेंस और जेसीबी मशीनें तैनात हैं।
क्या हुआ?
इमारत नानकपुरा गुरुद्वारे/शिव मंदिर के पास स्थित थी। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें और ऊपर पीजी कमरे थे। चश्मदीदों और शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत में बेसमेंट बनाने या रेनोवेशन का काम चल रहा था, जिससे नींव/पिलर कमजोर पड़ गए। ऊपरी हिस्से को मजबूत किया गया था, लेकिन नीचे के हिस्से कमजोर रहने से पूरा ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
आसपास के लोग भगदड़ में भाग निकले। मलबे में कुछ गाड़ियां भी दब गईं। सुरक्षा के लिहाज से बगल की इमारत को भी खाली कराया गया है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया
दिल्ली के मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों ने घटना पर गहरी चिंता जताई है। सभी एजेंसियों को बचाव कार्य तेज करने और घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पीजी मालिक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। फंसे हुए लोगों की सही संख्या और हताहतों का आंकड़ा स्पष्ट होने के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आएगी। स्थिति लगातार मॉनिटर की जा रही है।
(अपडेट जारी रहेगा)
