उत्तराखंड चारधाम यात्रा का दूसरा चरण: हादसों पर लगाम लगाने के लिए कमर्शियल चालकों का एनुअल हेल्थ चेकअप अनिवार्य; गाड़ियों में रखनी होगी रिपोर्ट
उत्तराखंड चारधाम यात्रा का दूसरा चरण: हादसों पर लगाम लगाने के लिए कमर्शियल चालकों का एनुअल हेल्थ चेकअप अनिवार्य; गाड़ियों में रखनी होगी रिपोर्ट
देहरादून: उत्तराखंड में 15 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रही ‘चारधाम यात्रा’ के दूसरे चरण को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। पर्वतीय मार्गों पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से राज्य में संचालित सभी कमर्शियल वाहनों के चालकों का सालाना हेल्थ चेकअप कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
1. वाहन चालकों की स्वास्थ्य जांच को लेकर परिवहन विभाग के नए नियम
वाहन स्वामी की जिम्मेदारी: आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) के फैसले के अनुसार, सभी कमर्शियल वाहनों के मालिकों की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी होगी कि वे अपने चालकों का हर साल हेल्थ चेकअप करवाएं।
गाड़ी में रखनी होगी रिपोर्ट: चालकों को अपनी वार्षिक स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट (Health Checkup Report) हमेशा वाहन में साथ रखनी अनिवार्य होगी, ताकि यह पुष्टि हो सके कि चालक को ऐसी कोई बीमारी नहीं है जिससे ड्राइविंग के दौरान दुर्घटना का खतरा बने।
असावधानी और हादसों पर लगाम: पहाड़ी रास्तों पर अधिकांश हादसे ड्राइवर की शारीरिक अस्वस्थता या असावधानी के कारण होते हैं; यह व्यवस्था चालकों की फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए लागू की जा रही है।
2. बस और ट्रक यूनियनों को सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी
चारधाम यात्रा के नोडल अधिकारी संदीप सैनी के अनुसार, विभाग ने सभी बस और ट्रक यूनियनों को पत्र भेजकर सुरक्षा संबंधी स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
वाहनों की फिटनेस: मानसून और पर्वतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वाहनों की हेडलाइट्स, वाइपर और ब्रेक्स को पूरी तरह ठीक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर सख्त पाबंदी: चालकों को ओवर-स्पीडिंग (तेज रफ्तार), ओवर-लोडिंग और नशे की हालत में गाड़ी न चलाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
