दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढही, कई छात्र मलबे में दबे; अमित शाह और राहुल गांधी ने जताई चिंता
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढही, कई छात्र मलबे में दबे; अमित शाह और राहुल गांधी ने जताई चिंता
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस इमारत में ‘हॉस्टल डेज’ नाम से लड़कों का पेइंग गेस्ट (पीजी) चल रहा था। मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका के बीच राहत और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को 1:34 बजे पीसीआर कॉल मिली। इमारत 40-50 साल पुरानी थी, जिसमें बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। बेसमेंट में मरम्मत/निर्माण कार्य चल रहा था। पिछले दो दिनों की बारिश से वॉटरलॉगिंग हुई थी और नींव कमजोर बताई जा रही है। चश्मदीदों ने बताया कि भूकंप जैसा झटका लगा और इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। आसपास के लोग “बचाओ, बचाओ” की चीखें सुन रहे थे। कुछ फंसे छात्रों ने फोन पर मदद की गुहार लगाई।
इमारत में करीब 15 कमरे थे, जिनमें 2-3 छात्र प्रति कमरा रहते थे। ज्यादातर छात्र केरल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि से थे और मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज आदि में पढ़ते थे। किराया करीब 12,000 रुपये प्रति बेड बताया गया।
हताहत और बचाव अभियान (अपडेट)
अब तक कई लोगों को मलबे से निकाला गया है। विभिन्न रिपोर्टों में 6 से 11 लोगों के बचाए जाने की बात कही गई है।
कम से कम 1-3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है (कुछ रिपोर्टों में दो-तीन मौतें)।
कई घायल एम्स ट्रॉमा सेंटर और अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है।
एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर हैं। आसपास की एक इमारत को सावधानी के तौर पर खाली कराया गया।
पुलिस ने इमारत मालिक आनंद बंसल (गुरुग्राम निवासी) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कुछ रिपोर्टों में हरिराम/हरिओम बंसल का भी जिक्र है।
नेताओं ने क्या कहा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह:
गोवा में बीजेपी का कार्यक्रम बीच में छोड़कर दिल्ली लौटे। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा, “सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना से मैं बेहद व्यथित हूं। दिल्ली मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और एनडीआरएफ महानिदेशक से बात की और जमीनी स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ मिलकर गहन बचाव अभियान चला रहे हैं। घायलों को पूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है। सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता:
मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान की निगरानी की। उन्होंने कहा कि डीडीएमए, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस, एमसीडी आदि टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। आसपास की इमारत खाली कराई गई। “हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जाए और प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता मिले। दोषी चाहे मालिक हो या अधिकारी, कोई नहीं बचेगा।” उन्होंने बताया कि पुरानी इमारत में बेसमेंट में खुदाई/रिनोवेशन के दौरान पिलर शिफ्ट होने से इमारत ढही।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी:
एक्स पर लिखा, “दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मलबे में कई लोग दबे हैं, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र शामिल हैं। मेरी अपील है कि एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव टीमें हर संभव प्रयास करके हर छात्र तक पहुंचें, घायलों को तुरंत बेहतरीन इलाज मिले, ताकि किसी को बचाने में कोई कसर न रह जाए। कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। छात्रों का जीवन पहले से संघर्षों से भरा था, अब स्थिति जानलेवा हो गई है। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र पीजी में रहने को मजबूर हैं, जहां 40-40 लोग एक छत के नीचे अमानवीय स्थिति में रहते हैं। हर छात्र का जीवन अनमोल है और हर हाल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
अन्य:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने मुख्यमंत्री से बात की और फंसे लोगों की सुरक्षा की प्रार्थना की। छात्र संगठनों (एबीवीपी, एनएसयूआई, एसएफआई) और शिक्षकों ने पीजी आवासों की सुरक्षा ऑडिट और जांच की मांग की है।
बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों के मुताबिक मलबे में अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। इलाके में पुरानी इमारतों और अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है।
(नोट: आंकड़े विकसित हो रहे हैं। आधिकारिक अपडेट के लिए स्थानीय प्रशासन/पुलिस की पुष्टि करें।)
