चाइना मास्टर्स बैडमिंटन: सात्विक-चिराग ने पहली बार जीता खिताब; चीनी जोड़ी को हराकर रचा इतिहास
चाइना मास्टर्स बैडमिंटन: सात्विक-चिराग ने पहली बार जीता खिताब; चीनी जोड़ी को हराकर रचा इतिहास
शेनजेन (चीन): भारत की स्टार पुरुष युगल बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार ‘चाइना मास्टर्स’ (China Masters) का खिताब अपने नाम कर लिया है। रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए घरेलू चीनी जोड़ी हे जी तिंग और रेन शियांग यू को 11-21, 21-13, 21-17 से मात दी।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सात्विक और चिराग ने पिछले दो मौकों पर फाइनल में मिली हार के सिलसिले को भी तोड़ दिया।
1. पहला सेट गंवाने के बाद भारतीय जोड़ी की जोरदार वापसी
पहला गेम (चीन का दबदबा): चीनी जोड़ी हे जी तिंग और रेन शियांग यू ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए भारतीय जोड़ी पर दबाव बनाया और पहला गेम आसानी से 21-11 से जीत लिया।
दूसरा गेम (कमबैक): पहला गेम हारने के बाद सात्विक और चिराग ने बेहतरीन तालमेल और कोर्ट कवरेज का परिचय दिया। उन्होंने रणनीतिक बदलाव करते हुए दूसरा गेम 21-13 से अपने नाम कर मैच 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
तीसरा और निर्णायक गेम: निर्णायक गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। हालांकि, अहम मौकों पर सात्विक और चिराग ने अपना संयम बनाए रखा और 21-17 से गेम जीतकर चाइना मास्टर्स की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
2. 2023 और 2025 के रनर-अप के दर्द को किया पीछे
पुरानी हार का हिसाब चुकता: चाइना मास्टर्स का टूर्नामेंट भारतीय जोड़ी के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। सात्विक और चिराग इससे पहले 2023 और 2025 में भी इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे थे, लेकिन दोनों बार उन्हें उपविजेता (Rrunner-up) बनकर ही संतोष करना पड़ा था।
सेमीफाइनल का सफर: इस बार फाइनल में पहुंचने से पहले सात्विक और चिराग ने सेमीफाइनल मुकाबले में मलेशिया की नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग की जोड़ी को शिकस्त दी थी।
ऐतिहासिक उपलब्धि: चीन की घरेलू सरजमीं पर चीनी जोड़ी को ही हराकर खिताब जीतना भारतीय बैडमिंटन के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बन गया है।
