भारतीय सेना: ‘माउंट त्रिशूल’ पर्वतारोहण अभियान रुड़की के बंगाल सैपर्स सेंटर से रवाना; लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने दिखाई हरी झंडी
भारतीय सेना: ‘माउंट त्रिशूल’ पर्वतारोहण अभियान रुड़की के बंगाल सैपर्स सेंटर से रवाना; लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने दिखाई हरी झंडी
रुड़की (उत्तराखंड): भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ़ इंजीनियर्स द्वारा आयोजित ऐतिहासिक ‘माउंट त्रिशूल पर्वतारोहण अभियान’ को रुड़की स्थित प्रतिष्ठित बंगाल इंजीनियर ग्रुप (BEG) एंड सेंटर से औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। गढ़वाल हिमालय में 7,120 मीटर (23,360 फीट) की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित माउंट त्रिशूल अपनी दुर्गम चढ़ाई, कठिन रास्तों और अनिश्चित मौसम के लिए जाना जाता है।
1. अभियान का उद्देश्य और टीम की तैयारी
कठिन परिस्थितियों की परीक्षा: यह अभियान सेना की टीम की शारीरिक सहनशक्ति, तकनीकी निपुणता, मानसिक दृढ़ता और अत्यधिक ऊंचाई वाले प्रतिकूल वातावरण में काम करने की क्षमता की कड़ी परीक्षा लेगा।
कठोर प्रशिक्षण: अभियान दल में अनुभवी सैन्य अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (JCOs) और अन्य रैंक के जवान शामिल हैं। टीम ने इस मिशन के लिए विशेष पर्वतारोहण तकनीक, शारीरिक फिटनेस और ऊंचाई वाले माहौल में ढलने (Acclimatisation) का कड़ा अभ्यास किया है।
2. वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी और हौसला अफजाई
GOC-in-C का संबोधन: इस अवसर पर भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड के जीओसी-इन-सी (GOC-in-C) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और जवानों के उच्च शारीरिक व मानसिक स्तर तथा ‘टीम भावना’ (Esprit de Corps) की जमकर सराहना की।
समारोह में उपस्थित दिग्गज: इस फ्लैग-ऑफ समारोह में सेना के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें इंजीनियर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल विकास रोहेला और बंगाल सैपर्स एंड मिलिट्री सर्वे के कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसएस दहिया प्रमुख रूप से शामिल थे।
