हल्द्वानी मंच शुद्धिकरण विवाद: कल देहरादून में कांग्रेस का सीएम आवास घेराव; प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा रहेंगी मौजूद, राहुल-प्रियंका का दौरा भी प्रस्तावित
हल्द्वानी मंच शुद्धिकरण विवाद: कल देहरादून में कांग्रेस का सीएम आवास घेराव; प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा रहेंगी मौजूद, राहुल-प्रियंका का दौरा भी प्रस्तावित
देहरादून: हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मंच का कथित ‘धार्मिक शुद्धिकरण’ किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इसके विरोध में 7 सितंबर (सोमवार) को मुख्यमंत्री आवास कूच (हल्ला बोल प्रदर्शन) करने का बड़ा ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के लिए कांग्रेस की उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी व सांसद कुमारी शैलजा अपने तीन दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंच रही हैं।
1. 7 सितंबर को सीएम आवास का घेराव; कुमारी शैलजा होंगी शामिल
विपक्ष का हल्ला बोल: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जानकारी दी कि हल्द्वानी की घटना के विरोध में 7 सितंबर को पार्टी कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरा: कुमारी शैलजा अपने 3 दिनों के प्रवास के दौरान सीएम आवास घेराव कार्यक्रम में शिरकत करेंगी और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें करेंगी।
2. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और खड़गे के उत्तराखंड दौरे प्रस्तावित
शीर्ष नेतृत्व का दौरा: गणेश गोदियाल ने बताया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और एआईसीसी (AICC) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का उत्तराखंड दौरा भी प्रस्तावित है।
मानसून के बाद तय होंगी तारीखें: राज्य में जारी मानसूनी बारिश का दौर थमने के बाद केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा कर इन शीर्ष नेताओं के दौरों और रैलियों की तारीखों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
3. क्या है हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद?
विवाद की पृष्ठभूमि: हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की एक रैली समाप्त होने के बाद कुछ लोगों द्वारा मंच का धार्मिक अनुष्ठान कर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया था।
कांग्रेस की मांग: कांग्रेस पार्टी इसे अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का अपमान बताते हुए इस अनुष्ठान में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है। खुद मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस मुद्दे को संसद (राज्यसभा) में उठा चुके हैं।
