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अमेरिका-ईरान में छिड़ी जंग: अमेरिका की लगातार 12वें दिन एयरस्ट्राइक, शलामचेह बॉर्डर पर हमला; जवाब में ईरान ने जॉर्डन-कुवैत में US बेस उड़ाए

अमेरिका-ईरान में छिड़ी जंग: अमेरिका की लगातार 12वें दिन एयरस्ट्राइक, शलामचेह बॉर्डर पर हमला; जवाब में ईरान ने जॉर्डन-कुवैत में US बेस उड़ाए

​तेहरान/वाशिंगटन: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में तनाव अपने सबसे भयावह दौर में पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों पर अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात ईरान के कई शहरों, मिसाइल और ड्रोन भंडारों, तटीय निगरानी ठिकानों और नौसैनिक क्षमताओं पर भीषण बमबारी की।

​इस बीच ईरान-इराक को जोड़ने वाले बेहद संवेदनशील शलामचेह (Shalamcheh) बॉर्डर क्रॉसिंग पर भी हमला हुआ है, जिसमें 2 लोगों की मौत और 11 के घायल होने की खबर है।

​शलामचेह बॉर्डर पर हमला, फिर भी जारी है तीर्थयात्रा

​ईरान और इराक को जोड़ने वाला शलामचेह बॉर्डर क्रॉसिंग दोनों देशों के बीच व्यापारिक, धार्मिक और सामरिक दृष्टिकोण से बेहद अहम है।

​20 लाख श्रद्धालुओं की आवाजाही: यह सीमा चौकी शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक आयोजन ‘अरबईन’ (Arbaeen) के लिए मुख्य मार्ग है, जहां से लगभग 20 लाख श्रद्धालु इराक के करबला शहर पहुंचते हैं। अगस्त की शुरुआत में होने वाले इस आयोजन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो चुकी है।

​हमले के बावजूद नहीं रुकी यात्रा: ईरानी मीडिया (मेहर न्यूज एजेंसी) के अनुसार, हमले के बाद राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही भी सामान्य रूप से जारी रखी गई है।

​ईरान का बड़ा पलटवार: जॉर्डन में अमेरिकी THAAD और पैट्रियट सिस्टम तबाह करने का दावा

​अमेरिका की एयरस्ट्राइक के जवाब में ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने जॉर्डन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले करने का दावा किया है।

​IRGC के आधिकारिक पोर्टल ‘सिपाह न्यूज’ के अनुसार:

​जॉर्डन में भारी तबाही: ईरान ने सटीक हमलों का दावा करते हुए जॉर्डन में अमेरिका के आधुनिक THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम, पैट्रियट सिस्टम और C-RAM रडार को नष्ट करने की बात कही है। इसके अलावा, अमेरिकी सैन्य अड्डे के ईंधन टैंकों और हेलीकॉप्टर हैंगर में भी आग लग गई।

​जॉर्डन को सफाई: IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई जॉर्डन की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं है, बल्कि वहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी ही जॉर्डन की संप्रभुता पर हमला है।

​कुवैत में संदिग्ध ड्रोन गतिविधियां, वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय

​जॉर्डन के साथ-साथ ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों—अल-अदीरी कैंप और अली अल-सलेम एयर बेस को भी निशाना बनाने का दावा किया है।

​इस बीच, कुवैती सेना ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ (X) पर पुष्टि की है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) संदिग्ध दुश्मन ड्रोनों का सामना कर रही है और रात में सुने गए धमाके इन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने की कार्रवाई का हिस्सा थे।

​व्यापार, तीर्थयात्रा और सैन्य टकराव के इस मोड़ पर शलामचेह बॉर्डर और आसपास के क्षेत्रों में हो रही घटनाओं का असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और भू-राजनीतिक स्थिरता पर गहरा प्रभाव डाल रहा है।

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