पीएम मोदी की राज्य मंत्रियों के साथ 3 घंटे की बैठक, कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज
पीएम मोदी की राज्य मंत्रियों के साथ 3 घंटे की बैठक, कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच सोमवार देर रात एक अहम बैठक हुई। प्रधानमंत्री ने करीब 20 राज्य मंत्रियों (जिनमें स्वतंत्र प्रभार वाले भी शामिल) के साथ करीब तीन घंटे तक मंथन किया। बैठक में बीजेपी के साथ सहयोगी दलों के मंत्री भी मौजूद रहे।
यह बैठक कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इसमें सिर्फ राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री शामिल थे। कैबिनेट मंत्री या वरिष्ठ नौकरशाह इसमें मौजूद नहीं थे।
बैठक में क्या-क्या चर्चा हुई?
प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से उनके मंत्रालयों के कामकाज का विस्तृत ब्यौरा मांगा। जब कुछ मंत्री आंकड़े पेश करने लगे तो पीएम ने उन्हें टोका। उन्होंने कहा, “यह आंकड़े नहीं चाहिए। ये तो सचिव भी दे देते हैं। आप लोग सचिव के दिए आंकड़े ही पढ़ते हैं। अपना खुद का क्या है, वह बताइए। आपने मंत्रालय में अभी तक क्या किया, इसकी जानकारी दें।”
पीएम ने विकसित भारत 2047 के विजन पर भी जोर दिया। उन्होंने मंत्रियों से पूछा कि उनका 2047 के लिए एजेंडा क्या है? अगले पांच साल का रोडमैप क्या होगा? दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और युवाओं के लिए उन्होंने क्या विशेष योजनाएं बनाई हैं? उनके मंत्रालय की योजनाओं से कितने लोगों के जीवन में बदलाव आया है?
सोशल मीडिया परफॉर्मेंस की भी समीक्षा
बैठक में सोशल मीडिया परफॉर्मेंस पर भी खास चर्चा हुई। सभी मंत्रियों को उनका सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड दिया गया। इसमें किसी भी राज्य मंत्री की रैंकिंग नहीं बनी, यानी सबको अपना प्रदर्शन सुधारने की जरूरत बताई गई।
पीएम ने पूछा कि छात्रों के आंदोलन पर उन्होंने सोशल मीडिया में क्या जवाब दिया? उनके अकाउंट पर कितने फॉलोअर हैं? इस तरह के 20 से ज्यादा सवाल सभी मंत्रियों से पूछे गए। बैठक में सामाजिक न्याय, आदिवासी कल्याण, युवा और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सबसे ज्यादा जोर रहा।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलें
बीजेपी के कई मंत्रियों को पार्टी की जिम्मेदारी मिलने के बाद माना जा रहा है कि मोदी कैबिनेट में जल्द फेरबदल हो सकता है। फेरबदल में सहयोगी दलों को भी मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक संभावित फेरबदल के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकसित भारत के बारे में उन्हें अपना विजन बताना होगा। बैठक में मंत्रियों से उनके कामकाज और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की गई।
