तेलंगाना विधानसभा सत्र का पहला दिन हंगामेदार: अध्यक्ष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और महिला विधायकों से बदसलूकी पर बवाल; हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश
तेलंगाना विधानसभा सत्र का पहला दिन हंगामेदार: अध्यक्ष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और महिला विधायकों से बदसलूकी पर बवाल; हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश
हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को भारी राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। बीआरएस (BRS) एमएलसी द्वारा विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और परिसर के बाहर बीआरएस की महिला विधायकों के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की को लेकर तीखी बहस हुई। विवाद की गूंज तेलंगाना हाईकोर्ट तक पहुँच गई, जिसने पुलिसिया कार्रवाई पर कड़ा संज्ञान लिया है।
1. विधानसभा अध्यक्ष पर टिप्पणी और सदन में भावुक पल
अध्यक्ष की दिवंगत मां पर टिप्पणी का आरोप: कांग्रेस की पंचायत राज मंत्री डी. अनसूया (सीथक्का) और कई दलित विधायकों ने आरोप लगाया कि बीआरएस एमएलसी टी. मधुसूदन ने अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार की दिवंगत मां के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया।
अध्यक्ष हुए भावुक: आरोपों के बाद अध्यक्ष सदन में भावुक हो गए और उनकी आँखों में आँसू आ गए।
एमएलसी का स्पष्टीकरण: बीआरएस एमएलसी टी. मधुसूदन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उनकी किसी टिप्पणी को अध्यक्ष के सम्मान के खिलाफ माना गया है, तो वह उसे वापस लेने के लिए तैयार हैं।
2. परिसर के बाहर BRS नेताओं और पुलिस में तीखा टकराव
महिला विधायकों के साथ बदसलूकी का आरोप: विरोध प्रदर्शन के तहत काली टी-शर्ट पहनकर पहुँचे बीआरएस नेताओं को पुलिस ने परिसर के बाहर ही रोक दिया। विधायक सबिता इंद्रा रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिला विधायकों की साड़ियाँ खींचीं, वहीं विधायक सुनीता लक्ष्मा रेड्डी को मामूली चोटें आईं।
नेताओं को हिरासत में लिया गया: टी. हरीश राव और के. टी. रामा राव (KTR) सहित अन्य नेताओं ने विरोध स्वरूप टी-शर्ट उतार दी, जिसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में ले गई। बीआरएस ने दावा किया कि धक्का-मुक्की में उसके कई नेता घायल हुए हैं।
3. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का तीखा हमला
’राज्य के लिए काला दिन’: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अध्यक्ष पर की गई टिप्पणी को तेलंगाना की 4 करोड़ जनता का अपमान और राज्य के लिए “काला दिन” करार दिया।
केसीआर पर भड़काने का आरोप: सीएम ने आरोप लगाया कि बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने पार्टी विधायकों की बैठक में उन्हें इस प्रकार के आक्रामक व्यवहार के लिए उकसाया था।
4. जमीन रजिस्ट्री (धारा 22-ए) पर BJP का हंगामा
सदन स्थगित: भाजपा विधायकों ने नागरिकों की निजी संपत्तियों को पंजीकरण अधिनियम की ‘धारा 22-ए’ (प्रतिबंधित सूची) में डाले जाने के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
आश्वासन पर सहमति: सदन दोबारा शुरू होने पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भाजपा सदस्य इस मुद्दे पर बाद में चर्चा के लिए सहमत हुए।
5. तेलंगाना हाईकोर्ट का कड़ा रुख और निर्देश
बीआरएस विधायक टी. श्रीनिवास यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट ने कड़ा आदेश जारी किया:
विधायकों को प्रवेश न रोकने का निर्देश: अदालत ने पुलिस को बीआरएस विधायकों को विधानसभा में जाने से न रोकने की सख्त हिदायत दी और कहा कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का अधिकार केवल विधानसभा अध्यक्ष का है, पुलिस का नहीं।
DGP को जांच के आदेश: हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को घटना की जांच कर दोषी पुलिस अधिकारियों की पहचान करने, उन पर कड़ी कार्रवाई करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
