सत्य निकेतन इमारत हादसा: MCD ने सभी जोनों में भवनों की जांच के आदेश दिए; मालिक-पत्नी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, ABVP का उग्र प्रदर्शन
सत्य निकेतन इमारत हादसा: MCD ने सभी जोनों में भवनों की जांच के आदेश दिए; मालिक-पत्नी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, ABVP का उग्र प्रदर्शन
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को 5-मंजिला इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के मामले में दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कड़ा संज्ञान लिया है। दिल्ली हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद MCD ने राजधानी के सभी जोनों में इमारतों और विशेषकर छात्रों के पीजी (PG) व हॉस्टलों की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच पुलिस ने इमारत के मालिक, उनकी पत्नी और बेटे पर शिकंजा कस दिया है, वहीं घटना के विरोध में एबीवीपी (ABVP) के छात्रों ने सिविक सेंटर में उग्र प्रदर्शन किया।
1. MCD की बड़ी कार्रवाई और 10 सितंबर तक रिपोर्ट तलब
सभी जोनों में निरीक्षण: MCD के अतिरिक्त आयुक्त की सीधी निगरानी में सभी कार्यपालक अभियंताओं (Executive Engineers) को अपने-अपने क्षेत्रों में इमारतों और PG हॉस्टलों का निरीक्षण कर 10 सितंबर 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। यह डेटा हाईकोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे का हिस्सा बनेगा।
5 अधिकारी सस्पेंड: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों पर MCD ने साउथ ज़ोन के पूर्व डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार को निलंबित कर दिया है।
नया कार्यभार: साउथ ज़ोन की अतिरिक्त जिम्मेदारी अब दक्षिण-पश्चिम ज़ोन के डिप्टी कमिश्नर शाश्वत सौरभ को सौंपी गई है।
2. बिल्डिंग मालिक और परिवार पर कानूनी कार्रवाई
न्यायिक व पुलिस हिरासत: पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता (जिनके नाम संपत्ति रजिस्टर्ड है) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इमारत की देखरेख करने वाले उनके बेटे महेश गुप्ता को 2 दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया है।
हादसे का कारण: 6 सितंबर को जब हादसा हुआ, तब 55 वर्ग गज में बनी इस इमारत के बेसमेंट में अवैध निर्माण/खुदाई का काम चल रहा था, जिससे पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
3. दिल्ली हाईकोर्ट के कड़े निर्देश
हाई-लेवल जांच के आदेश: हाईकोर्ट ने इस घटना को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
MCD और DU की जवाबदेही: अदालत ने टिप्पणी की कि इस तबाही के लिए केवल भवन मालिक ही नहीं, बल्कि MCD और दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन भी जिम्मेदार हैं। कोर्ट ने MCD को निर्देश दिया कि वह जांच करे कि क्या इमारत के पास वैध अनुमतियां थीं और क्या अधिकारियों की तरफ से लापरवाही हुई।
4. ABVP का उग्र प्रदर्शन और कैंडल मार्च
सिविक सेंटर में तोड़फोड़ व धरना: हादसे से आक्रोशित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सैकड़ों छात्रों ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम मुख्यालय (सिविक सेंटर) का घेराव किया। सुरक्षा घेरा तोड़कर छात्र मुख्यालय में घुसे, तोड़फोड़ की और धरने पर बैठ गए।
कैंडल मार्च: शाम को छात्रों ने DU के नॉर्थ कैंपस में आर्ट्स फैकल्टी से सत्य निकेतन हादसे के मृतक पीड़ितों की याद में विशाल कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी और छात्र सुरक्षा सुनिश्चित न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
