शेयर बाजार में ‘ब्लैक वेडनेसडे’: सेंसेक्स 1,677 अंक और निफ्टी 516 अंक टूटा; निवेशकों के डूबे 8 लाख करोड़ रुपये
शेयर बाजार में ‘ब्लैक वेडनेसडे’: सेंसेक्स 1,677 अंक और निफ्टी 516 अंक टूटा; निवेशकों के डूबे 8 लाख करोड़ रुपये
मुंबई: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल के कारण घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी तबाही देखने को मिली। पिछले कई दिनों से जारी तेजी के सिलसिले पर ब्रेक लगाते हुए बाजार के दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक—सेंसेक्स और निफ्टी—2 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर लाल निशान में बंद हुए। यह पिछले तीन महीनों से अधिक समय में भारतीय शेयर बाजार का सबसे खराब प्रदर्शन है।
बाजार बंद होने का हाल: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
बुधवार को दिनभर बाजार में बिकवाली का भारी दबाव रहा। कारोबार के अंत में:
बीएसई सेंसेक्स: 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,677.12 अंक (2.15%) की भारी गिरावट के साथ 76,503.60 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में इसने 23,800 के स्तर के पास जाते हुए 76,259.03 का इंट्रा-डे लो भी छुआ था।
एनएसई निफ्टी 50: निफ्टी 516.65 अंक (2.12%) फिसलकर 23,882.05 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी भी 23,805.20 के निचले स्तर तक चला गया था।
व्यापक बाजारों की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.3 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
निवेशकों को लगा 8 लाख करोड़ का झटका
दलाल स्ट्रीट में मची इस हाहाकार से बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) एक ही दिन में 480.20 लाख करोड़ रुपये से घटकर 471.44 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इस चौतरफा बिकवाली से निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए।
बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट
बुधवार को बाजार के सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। सबसे खराब प्रदर्शन बैंकिंग सेक्टर का रहा:
निफ्टी पीएसयू बैंक: 2.56% टूटकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा।
निफ्टी बैंक व प्राइवेट बैंक: दोनों में करीब 2.40% से ज्यादा की गिरावट आई।
निफ्टी एफएमसीजी व मीडिया: दोनों सेक्टर्स 2.33% से अधिक लुढ़के।
अन्य सेक्टर्स: ऑटो, ऑयल एंड गैस और इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी 2% से ज्यादा की बिकवाली रही। हालांकि, फार्मा और मेटल सेक्टर्स में गिरावट 1% से कम रही।
निफ्टी-50 के शेयरों में जियो फाइनेंशियल, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) सबसे ज्यादा घाटे में रहे। वहीं विपरीत बाजार में भी ओएनजीसी, बजाज ऑटो, हिंडाल्को और कोल इंडिया जैसे शेयर हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे।
गिरावट के मुख्य कारण: अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चा तेल
बाजार में आई इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े वैश्विक कारण रहे:
भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इस बयान के बाद कि ‘ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त हो गया है’, दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर हमले किए जाने की खबरों ने वैश्विक बाजार को डरा दिया।
कच्चे तेल में उबाल: पश्चिम एशिया में ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 6% से अधिक उछल गया। ब्रेंट क्रूड 6.52% की तेजी के साथ 80 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) 6% बढ़कर 75 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।
रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला
वैश्विक चिंताओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी बुधवार को 58 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 95.55 के स्तर पर बंद हुआ, जो इसके पिछले बंद (94.97) से काफी नीचे है।
आगे के लिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 23,780 से 23,750 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण ‘इमीडिएट सपोर्ट’ (तत्काल सहारा) का काम करेगा। यदि निफ्टी इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो गिरावट शॉर्ट टर्म में बढ़कर पहले 23,600 और फिर 23,450 तक जा सकती है। वहीं, बाजार में दोबारा रिकवरी के लिए निफ्टी को ऊपर की ओर 24,020 से 24,050 के ‘रजिस्टेंस स्तर’ को पार करना होगा।
