भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को सपा का मानहानि नोटिस: अखिलेश यादव ने पोस्ट हटाने के लिए दिया था 10 मिनट का अल्टीमेटम
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को सपा का मानहानि नोटिस: अखिलेश यादव ने पोस्ट हटाने के लिए दिया था 10 मिनट का अल्टीमेटम
लखनऊ/अयोध्या: अयोध्या के कथित राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है. समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे को एक कानूनी मानहानि का नोटिस भेजा है. यह पूरी विधिक कार्रवाई अयोध्या मामले के एक कथित आरोपी टिन्नू यादव को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावों और पोस्ट के विरोध में की गई है.
इससे पहले, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए सांसद निशिकांत दुबे को सोशल मीडिया से अपनी विवादित पोस्ट हटाने के लिए महज 10 मिनट का अल्टीमेटम दिया था और ऐसा न करने पर नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की खुली चेतावनी दी थी.
अखिलेश यादव ने याद दिलाए संसदीय विशेषाधिकार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि देश के लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों को समान संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त हैं. उन्होंने निशिकांत दुबे पर निशाना साधते हुए कहा:
”भगवान राम की मर्यादा, सामाजिक शिष्टाचार और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए माननीय सांसद को 10 मिनट का समय दिया जाता है कि वे अपनी ‘झूठी पोस्ट’ हटा लें, अन्यथा उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी.”
अखिलेश यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल भाजपा सांसद ही नहीं, बल्कि इंटरनेट पर जिन भी अन्य लोगों या हैंडल्स ने इस कथित झूठे और भ्रामक दावे को साझा (शेयर) किया है, वे सभी तुरंत अपनी पोस्ट हटाएं और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, वरना उनके खिलाफ भी कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी.
’PDA गठबंधन को बदनाम करने की गहरी साजिश’ — सपा
अखिलेश यादव ने सत्ताधारी दल भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन को जनता के बीच बदनाम करने के लिए यह सोची-समझी साजिश और झूठा प्रोपेगैंडा फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पूरा पीडीए समाज एकजुट होकर इस दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब देगा.
भाजपा नेताओं को चेतावनी देते हुए सपा प्रमुख ने लिखा कि कानूनी कार्रवाई होने पर इन नेताओं को वर्षों तक अदालतों के चक्कर काटने पड़ेंगे और तब कोई इनका साथ नहीं देगा.
सर्वोच्च न्यायालय और लोकसभा अध्यक्ष से संज्ञान लेने की अपील
अखिलेश यादव ने अपने बयान में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “जो भगवान के नहीं हुए, वो इंसान के क्या होंगे.” उन्होंने आरोप लगाया कि ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों का गिरोह’ इस समय जनता के भारी आक्रोश से डरा और छिपा हुआ है, और ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष के खिलाफ साजिश रच रहा है.
सपा सुप्रीमो ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या के संतों, रामभक्तों, सनातन धर्म के अनुयायियों, उत्तर प्रदेश की जनता के साथ-साथ लोकसभा अध्यक्ष (Speaker), सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) और पीडीए समाज से इस पूरे घटनाक्रम का तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है.
