जकार्ता में प्रवासी भारतीयों के बीच बोले पीएम मोदी: “जब भारत और इंडोनेशिया साथ चलते हैं, तो ‘कुछ-कुछ’ नहीं ‘बहुत कुछ’ होता है”
जकार्ता में प्रवासी भारतीयों के बीच बोले पीएम मोदी: “जब भारत और इंडोनेशिया साथ चलते हैं, तो ‘कुछ-कुछ’ नहीं ‘बहुत कुछ’ होता है”
जकार्ता: अपने तीन देशों के आधिकारिक दौरे के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में भारतीय समुदाय (प्रवासी भारतीयों) को संबोधित किया. इस दौरान वहां मौजूद हजारों भारतीयों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके लिए पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय और इंडोनेशिया की जनता का आभार व्यक्त किया.
अपने संबोधन की शुरुआत दुनिया भर में चल रहे फुटबॉल फीवर (फीफा विश्व कप 2026) का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब से उन्होंने इंडोनेशिया की धरती पर कदम रखा है, उन्हें जो स्नेह मिला है, उसे बयां करने के लिए शब्द कम हैं. उन्होंने एयरपोर्ट पर खुद राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा किए गए स्वागत को अपने लिए हमेशा यादगार बताया.
’कुछ-कुछ होता है’ गाने का जिक्र कर जीता दिल
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भारत और इंडोनेशिया के बीच के सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित करने के लिए एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा किया:
”मैंने देखा कि इंडोनेशिया में भारत का प्रसिद्ध गाना ‘कुछ-कुछ होता है…’ बेहद लोकप्रिय है और यहां इसकी बहुत चर्चा रहती है. इस पर मैंने प्रेसिडेंट प्रबोवो सुबियांतो से हंसते हुए कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया जैसे दो महान देश साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो ‘कुछ-कुछ’ से भी आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ होता है.”
सर्वोच्च सम्मान 140 करोड़ भारतीयों का यश है
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति द्वारा दिए गए देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘बिन्तांग अदिपुर्ना’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मान अकेले उनका नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है. यह दोनों देशों के बीच की प्रगाढ़ और ऐतिहासिक मित्रता के गर्व का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति के मंच पर कई साम्राज्य बने और मिटे, लेकिन भारत और इंडोनेशिया के बीच सभ्यताओं का यह अटूट बंधन हमेशा अडिग रहा है.
’रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र से बदल रहा है भारत
पीएम मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती आर्थिक और तकनीकी ताकत का ब्योरा देते हुए अपनी सरकार का मूल मंत्र साझा किया:
रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म: भारत ने एक के बाद एक कड़े और बड़े रिफॉर्म्स (सुधार) किए हैं, निरंतर परफॉर्म (काम) किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज पूरा देश ट्रांसफॉर्म (बदल) हो रहा है.
1.4 अरब लोगों की आकांक्षाएं: देश की तरक्की की रफ्तार को बताते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत का हर नागरिक, चाहे वह गांव का हो या शहर का, उम्मीदों और सफलता पाने के आत्मविश्वास से लबरेज है. 1.4 अरब भारतीयों का यही संकल्प देश को तेजी से आगे बढ़ा रहा है.
