हरिद्वार के बोडाहेड़ी गांव में पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’: ड्रोन से पकड़ी गई छतों पर रखे पत्थरों की साजिश, 51 लोगों का चालान
हरिद्वार के बोडाहेड़ी गांव में पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’: ड्रोन से पकड़ी गई छतों पर रखे पत्थरों की साजिश, 51 लोगों का चालान
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बोडाहेड़ी गांव में दो पक्षों के बीच हुए हिंसक विवाद के बाद पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है। गांव में दोबारा संभावित दंगे और पथराव की साजिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने गुरुवार को 22 महिलाओं और 29 पुरुषों समेत कुल 51 लोगों का शांतिभंग में चालान किया है। इससे पहले भी इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
नाली विवाद के बाद बढ़ा था तनाव
पुलिस के अनुसार, बोडाहेड़ी गांव में कुछ दिन पहले गुलजार और असगर के पक्षों के बीच नाली और पानी की निकासी को लेकर मामूली विवाद हुआ था।
देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के दर्जनों लोग लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए।
इस दौरान दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई और भारी पथराव भी हुआ था, जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पथरी थाने में क्रॉस मुकदमे दर्ज कराए गए थे।
ड्रोन कैमरे ने खोला छतों पर छिपे पत्थरों का राज
तनाव को देखते हुए खुफिया विभाग (एलआईयू) और मुखबिर तंत्र से पुलिस को सूचना मिली कि गांव में दोनों पक्ष फिर से बड़े झगड़े और हमले की फिराक में हैं।
इस इनपुट के आधार पर हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पथरी थाना प्रभारी रविंद्र कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ड्रोन कैमरों के साथ अचानक गांव पहुंचा। जब पुलिस ने आसमान से ड्रोन उड़ाकर निगरानी शुरू की, तो नजारा चौंकाने वाला था। गांव के कई मकानों की छतों पर भारी मात्रा में ईंट और पत्थर जमा करके रखे गए थे, ताकि दोबारा झगड़ा होने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके।
51 लोगों पर बीएनएसएस (BNSS) के तहत कार्रवाई
पुलिस टीम ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए सभी संदिग्ध घरों की छतों से ईंट-पत्थरों को नीचे उतरवाकर जब्त कर लिया। इसके साथ ही माहौल खराब करने की नीयत से पत्थर जुटाने के आरोप में 51 लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/135 (शांतिभंग) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की गई।
”कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा”
पथरी थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि गांव में फिलहाल शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। किसी को भी कानून हाथ में लेने या सांप्रदायिक/क्षेत्रीय सौहार्द बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर भविष्य में भी किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की, तो उनके खिलाफ इससे भी ज्यादा कठोर और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
