Friday, July 3, 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ FIR की मांग को लेकर वकीलों का बड़ा प्रदर्शन

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ FIR की मांग को लेकर वकीलों का बड़ा प्रदर्शन

​अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में अब फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

​गुरुवार को अयोध्या में भारी संख्या में वकीलों ने इन तीनों पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और थाने तक मार्च निकाला।

​सड़क पर उतरे वकील, थाने में दी तहरीर

​गुरुवार सुबह से ही फैजाबाद बार एसोसिएशन द्वारा इन तीनों बड़े पदाधिकारियों के खिलाफ तहरीर दिए जाने की सुगबुगाहट तेज थी, जिसके बाद वकील खुलकर मैदान में आ गए।

​अफरा-तफरी का माहौल: वकीलों का हुजूम जब प्रदर्शन करते हुए थाने की तरफ बढ़ा, तो सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई थी। इस दौरान कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया।

​पुलिस को सौंपी शिकायत: बाद में फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य थाने पहुंचे और पुलिस को चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत (तहरीर) सौंपी।

​”3 दिन के भीतर अयोध्या छोड़ें” — वकीलों का कड़ा रुख

​वकीलों के संगठन ने इस मामले को लेकर एक कड़ा प्रस्ताव पास किया है, जिसमें कई सख्त चेतावनियां और मांगें शामिल हैं:

​अयोध्या छोड़ने की चेतावनी: वकीलों ने मांग की है कि कथित चोरी के आरोपों से घिरे चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को ‘तीन दिन के अंदर’ अयोध्या छोड़ देना चाहिए।

​5 लाख रुपये का जुर्माना: बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव में स्पष्ट किया है कि जो भी वकील या सदस्य इस आंदोलन और अदालती कार्य के बहिष्कार के खिलाफ जाएगा, उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

​CBI जांच की मांग: फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने तीनों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो वे इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।

​पुलिस ने दर्ज नहीं की FIR, तो जाएंगे कोर्ट

​प्रदर्शनकारी वकीलों का साफ कहना है कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी एक गंभीर मामला है। यदि पुलिस उनकी दी गई तहरीर पर इन तीनों मुख्य पदाधिकारियों का नाम FIR में शामिल नहीं करती है, तो वे सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और कोर्ट के आदेश (धारा 156/3) के जरिए मुकदमा दर्ज करवाएंगे।

​क्या है अब तक की स्थिति?

गौरतलब है कि इस मामले में पहले ट्रस्ट के ही एक सदस्य कृष्णगोपाल की शिकायत पर पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस इन आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी और जांच कर रही है। हालांकि, विपक्षी दलों, स्थानीय वकीलों और अन्य आलोचकों का आरोप है कि पुलिस केवल छोटे मोहरों को पकड़ रही है और मामले से जुड़ी ‘बड़ी मछलियों’ (शीर्ष पदाधिकारियों) को बचाया जा रहा है।

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