Friday, July 3, 2026
Latest:
उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बिना पंजीकरण नहीं चलेंगे घोड़ा-खच्चर: जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी, बदसलूकी करने वाले होंगे ब्लैकलिस्ट

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बिना पंजीकरण नहीं चलेंगे घोड़ा-खच्चर: जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी, बदसलूकी करने वाले होंगे ब्लैकलिस्ट

​केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाए रखने के लिए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों, स्वामियों और हॉकरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों के साथ शालीन, विनम्र और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें। नियमों की अनदेखी करने वालों और यात्रियों से बदसलूकी करने वालों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​बिना रजिस्ट्रेशन संचालन पर पूरी तरह रोक

​जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पर बिना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के घोड़ा-खच्चर चलाना पूरी तरह अवैध माना जाएगा:

​अनिवार्य पंजीकरण: सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों और स्वामियों को अपने अधीन काम करने वाले हर हॉकर का जिला पंचायत रुद्रप्रयाग के नियमों के अनुसार अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

​प्रशासन को देनी होगी जानकारी: विधिवत पंजीकरण कराने के बाद इसकी पूरी सूचना जिला प्रशासन को भी उपलब्ध करानी होगी।

​कार्रवाई का प्रावधान: यदि कोई भी संचालक या हॉकर बिना वैध पंजीकरण के काम करता हुआ पाया गया, तो उसे तत्काल ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालना) किया जाएगा। इसके साथ ही भारी आर्थिक दंड (जुर्माना) और अन्य विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

​अमर्यादित व्यवहार करने वालों पर पहले भी हो चुका है एक्शन

​जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि प्रशासन के संज्ञान में कुछ ऐसे मामले आए थे, जिनमें हॉकरों या संचालकों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। ऐसे सभी मामलों में शासन और जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा चुकी है।

​शिकायत मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई: जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी अगर किसी भी संचालक या हॉकर के खिलाफ यात्रियों से बदसलूकी, तय दर से अधिक पैसे वसूलने या किसी भी प्रकार के अमर्यादित व्यवहार की शिकायत मिलती है, तो दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

​श्रद्धालुओं को सुगम सेवाएं देने की अपील

​केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में बुजुर्ग, बच्चे और असमर्थ श्रद्धालु बाबा के दरबार तक पहुँचने के लिए घोड़ा-खच्चरों की सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में जिलाधिकारी ने सभी स्वामियों और हॉकरों से अपील की है कि वे:

​यात्रा की धार्मिक गरिमा और मर्यादा को बनाए रखें।

​प्रशासन की व्यवस्थाओं में अपना पूर्ण सहयोग दें।

​श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक सेवाएं उपलब्ध कराकर देवभूमि की छवि को बेहतर बनाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *