ईरान के परमाणु ठिकानों का जल्द दौरा करेंगे IAEA निरीक्षक, दोनों देशों के समझौते के बाद प्रमुख राफेल ग्रॉसी का बड़ा बयान
ईरान के परमाणु ठिकानों का जल्द दौरा करेंगे IAEA निरीक्षक, दोनों देशों के समझौते के बाद प्रमुख राफेल ग्रॉसी का बड़ा बयान
टोक्यो: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने बुधवार को एक बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया है कि एजेंसी के निरीक्षक जल्द ही ईरान के परमाणु संवर्धन स्थलों का दौरा करेंगे। ग्रॉसी ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते का एक मुख्य हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र की इस परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख ने यह टिप्पणी टोक्यो में मीडिया से बातचीत के दौरान की।
गौरतलब है कि पिछले साल इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद से तेहरान ने आईएईए निरीक्षकों की अपने परमाणु स्थलों तक पहुंच को बेहद सीमित कर दिया था।
ईरान के पास 10 परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम भंडार
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परमाणु स्थलों पर ईरान ने इतनी बड़ी मात्रा में अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम जमा कर रखा है, जिससे लगभग 10 परमाणु बम तैयार किए जा सकते हैं। हालांकि, ईरान हमेशा की तरह यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। इसके बावजूद, ईरान दुनिया का एकमात्र ऐसा गैर-परमाणु हथियार संपन्न देश है जिसने यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया है, जो कि हथियार-ग्रेड स्तर के बेहद करीब माना जाता है।
दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने समझौते पर किए हैं हस्ताक्षर: ग्रॉसी
परमाणु केंद्रों के निरीक्षण को लेकर अमेरिका और ईरान की ओर से आ रहे परस्पर विरोधी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रॉसी ने कहा, “मैं राजनीतिक बयानों को समझ सकता हूं, वे जमीनी हकीकत का हिस्सा हैं। लेकिन मैं इस मुख्य तथ्य की ओर ध्यान दिलाना चाहता हूं कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।”
सुनामी प्रभावित फुकुशिमा दाइची परमाणु ऊर्जा संयंत्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आगे कहा, “उस समझौते में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि परमाणु सामग्रियों और परमाणु केंद्रों से जुड़ी सभी गतिविधियों की निगरानी आईएईए करेगा। इसके लिए हमें वहां जाकर निरीक्षण करना होगा। यह एक दिन बाद हो, एक सप्ताह बाद हो या 10 दिन बाद—यह महत्वपूर्ण है और यह होने वाला है।”
ईरान ने किया आईएईए प्रमुख के दावों को खारिज
इस निरीक्षण को समझौते की सफलता के लिए सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है, क्योंकि इसके तहत ईरान को अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार के स्तर को कम करना होगा। हालांकि, ईरानी राजनयिकों ने आईएईए प्रमुख की इन टिप्पणियों को फिलहाल खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि ऐसा निरीक्षण केवल अंतिम और पूर्ण समझौते के बाद ही संभव होगा।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति और ईरानी विदेश मंत्रालय के बयानों में विरोधाभास
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तेहरान में पत्रकारों से कहा था कि जिन परमाणु स्थलों को पिछले साल अमेरिका और इजरायल ने बमबारी में निशाना बनाया था, वहां आईएईए निरीक्षकों के दौरे की फिलहाल कोई योजना नहीं है। बघाई का यह बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस दावे के ठीक विपरीत है, जिसमें उन्होंने जल्द ही निरीक्षण शुरू होने की संभावना जताई थी।
