ब्रिक्स बैठक के बीच चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने की पीएम मोदी से मुलाकात, कहा— भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार चीन
ब्रिक्स बैठक के बीच चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने की पीएम मोदी से मुलाकात, कहा— भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार चीन
नई दिल्ली: चीन के विदेश मंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य वांग यी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष मुलाकात की है। वांग यी भारत की मेजबानी में आयोजित 16वीं ब्रिक्स (BRICS) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हुए हैं। प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान वांग यी ने दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की वकालत की।
चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन और भारत, जो दुनिया के दो सबसे बड़े विकासशील देश और ‘ग्लोबल साउथ’ के बेहद अहम सदस्य हैं, उन्हें ‘ग्लोबल साउथ’ देशों के बीच एकजुटता, सहयोग और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में एक मिसाल कायम करने वाली भूमिका निभानी चाहिए।
ब्रिक्स अध्यक्ष के तौर पर भारत का समर्थन करेगा चीन
वांग यी ने स्पष्ट किया कि चीन, BRICS के रोटेटिंग चेयर (बारी-बारी से अध्यक्ष बनने वाले देश) के रूप में भारत की जिम्मेदारियों को पूरा करने में उसका पूरा समर्थन जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि चीन, ब्रिक्स सहयोग में ठोस और ऐतिहासिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगा।
चीनी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के साझा हितों को रेखांकित करते हुए कहा कि चीन, दोनों राष्ट्रों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को जमीनी स्तर पर लागू करने, लगातार आपसी भरोसा बढ़ाने, संवेदनशील मुद्दों को सही ढंग से संभालने और आपसी फायदे वाले सहयोग को गहरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि चीन-भारत संबंधों की सकारात्मक गति को बनाए रखना और संयुक्त रूप से अपने-अपने आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाना दोनों देशों के लोगों के बुनियादी हितों को पूरा करता है तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी यही उम्मीद है।
एनएसए अजीत डोभाल के साथ हुई बैठक, एलएसी (LAC) स्थिति की हुई समीक्षा
प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले, सोमवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर समग्र सुरक्षा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि एनएसए डोभाल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि दोनों देशों के बीच एक स्थिर और रचनात्मक द्विपक्षीय संबंध ही आपसी भरोसा बढ़ाने और समझ को मजबूत बनाने में योगदान देंगे।
’आपसी संवेदनशीलता और सम्मान’ पर भारत का जोर
प्रवक्ता के अनुसार, डोभाल ने चीन के सामने यह बात मजबूती से रखी कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे के मुख्य चिंता वाले अहम मुद्दों के प्रति लगातार संवेदनशीलता दिखानी होगी। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया कि ये मुख्य मुद्दे कौन से हैं। डोभाल ने रणनीतिक संदेश देते हुए कहा कि एक-दूसरे के कोर मुद्दों का सम्मान करना भारत के ‘आपसी संवेदनशीलता, आपसी हितों और आपसी सम्मान’ के समग्र दृष्टिकोण के पूरी तरह अनुरूप होगा।
