राम मंदिर चंदा विवाद पर संजय राउत का भाजपा पर बड़ा हमला, कहा— “भगवान राम के श्राप से सत्ता से बाहर होगी यह सरकार”
राम मंदिर चंदा विवाद पर संजय राउत का भाजपा पर बड़ा हमला, कहा— “भगवान राम के श्राप से सत्ता से बाहर होगी यह सरकार”
मुंबई: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा और चंदा चोरी विवाद को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है। इस बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए राउत ने कहा कि यह सरकार भगवान राम के आशीर्वाद से सत्ता में आई थी, लेकिन अब राम के श्राप से ही सत्ता से बाहर हो जाएगी।
”भाजपा ने भगवान राम की खड़ाऊं चुरा ली”
संजय राउत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह के बयान का हवाला देते हुए भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा:
”हमारे साथी संजय सिंह ने एक बहुत जरूरी बात कही है। जब भगवान राम वनवास पर गए थे, तब भरत ने उनकी खड़ाऊं को सिंहासन पर रखकर उसकी रक्षा की थी, लेकिन भाजपा के लोगों ने खुद भगवान राम की खड़ाऊं ही चुरा ली हैं। भाजपा के राज में राम का ही अस्तित्व मिटाया जा रहा है, उनकी दानपेटी से पैसा चोरी हो रहा है और इसे देखने वाला कोई नहीं है।”
राम मंदिर ट्रस्ट में 500 करोड़ के घोटाले का दावा
शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में लगभग 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में आए सोने, चांदी और अन्य कीमती सामान को गायब कर दिया गया है।
इस मामले में गठित विशेष जांच टीम (SIT) पर अविश्वास जताते हुए राउत ने कहा, “एसआईटी जांच से कुछ हासिल नहीं होने वाला है क्योंकि घोटाला करने वाले कोई और नहीं बल्कि भाजपा के ही लोग हैं। ये लोग जांच रिपोर्ट को दबा देंगे, जिससे सच्चाई कभी सामने नहीं आ पाएगी।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और पूछा कि इतने बड़े घोटाले पर शीर्ष नेतृत्व एक शब्द क्यों नहीं बोल रहा है।
सांसद ओमराजे निंबालकर को बताया “कुख्यात गद्दार”
प्रेसवार्ता के दौरान संजय राउत ने धाराशिव (उस्मानाबाद) के लोकसभा सांसद ओमराजे निंबालकर पर भी बेहद तीखा हमला बोला। उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर पाला बदलने वाले सांसदों पर बरसते हुए राउत ने ओमराजे को “कुख्यात गद्दार” करार दिया।
संजय राउत ने कहा:
“गद्दारों का कभी कोई वैचारिक स्टैंड नहीं होता, वे पूरी तरह से अपने स्वार्थ और लालच से प्रेरित होते हैं। शिवसेना को तोड़ना महाराष्ट्र को तोड़ने जैसा है। उद्धव ठाकरे भली-भांति जानते हैं कि ओमराजे को सबसे पहले 15 करोड़ रुपये किसने दिए थे।” उन्होंने आगे कहा कि केवल चीनी मिलें लगाने से विकास नहीं होता और यदि किसी सांसद को लगता है कि 100 करोड़ रुपये अपनी जेब में डाल लेना विकास है, तो यह उनकी गलत सोच है।
महायुति गठबंधन पर साधा निशाना
महाराष्ट्र की राजनीति और महायुति सरकार के समीकरणों पर बोलते हुए संजय राउत ने एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का इस्तेमाल असल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राजनीतिक कद को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।
