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बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले में न्यायिक जांच आयोग गठित; NEET पुनर्परीक्षा में सॉल्वर गैंग के 29 लोग गिरफ्तार

बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले में न्यायिक जांच आयोग गठित; NEET पुनर्परीक्षा में सॉल्वर गैंग के 29 लोग गिरफ्तार

​पटना: बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी – लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने सोमवार को राज्य की दो बड़ी संवेदनशील घटनाओं को लेकर पुलिस मुख्यालय में एक विस्तृत प्रेस वार्ता की। उन्होंने भोजपुर के शाहपुर में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच की घोषणा की, साथ ही NEET पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय में सक्रिय एक बड़े सॉल्वर गैंग (डमी कैंडिडेट नेटवर्क) का भंडाफोड़ करने की जानकारी दी।

​1. भरत भूषण तिवारी मुठभेड़: रिटायर्ड जज करेंगे जांच, 5 पुलिसकर्मी निलंबित

​भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर एडीजी सुधांशु कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य घोषणाएं कीं:

​न्यायिक जांच आयोग का गठन: पूरे मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया गया है।

​वैज्ञानिक अनुसंधान: मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के लिए शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी (DIG) को विशेष रूप से अधिकृत किया गया है। जांच में एफएसएल (FSL) टीम की मदद ली जा रही है। इस मामले में कांड संख्या 169/26 और 170/26 के तहत दो अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं।

​लापरवाही पर एक्शन: 16 जून को हुई प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान अभियुक्त को समय रहते नियंत्रित न कर पाने और घोर लापरवाही बरतने के आरोप में शाहपुर के थानाध्यक्ष, दो सब-इंस्पेक्टर (SI), एक एएसआई (ASI) और एक कांस्टेबल समेत कुल 5 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

​”पुलिस कभी भी मुठभेड़ को अपनी उपलब्धि नहीं मानती है। हालांकि, आत्मरक्षा (Self-Defense) की स्थिति में कानून पुलिस बल को आवश्यक और उचित कार्रवाई करने का पूरा अधिकार देता है। चूंकि मामला अब न्यायिक जांच के अधीन है, इसलिए कथित स्टिंग ऑपरेशन या अन्य कयासों पर पुलिस की ओर से कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।”

— सुधांशु कुमार, एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर), बिहार

​2. NEET पुनर्परीक्षा में भारी फर्जीवाड़ा: मेडिकल छात्र समेत 29 गिरफ्तार

​एडीजी ने बताया कि बिहार पुलिस ने नीट (NEET) पुनर्परीक्षा के दौरान मुस्तैदी दिखाते हुए लखीसराय में चल रहे एक हाईप्रोफाइल सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर इस जालसाजी से जुड़े 29 लोगों को गिरफ्तार किया है:

​9 डमी अभ्यर्थी गिरफ्तार: परीक्षा केंद्रों से दूसरों के स्थान पर परीक्षा दे रहे 9 फर्जी (डमी) परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।

​मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी: गैंग के मुख्य संचालक अर्पित राज को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो गया मेडिकल कॉलेज से जुड़ा है और पूरा नेटवर्क चला रहा था। इसके साथ ही एक मूल अभ्यर्थी संजीव कुमार को भी दबोचा गया है।

​बायोमेट्रिक एजेंसी के 18 कर्मी गिरफ्तार: परीक्षा में बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) प्रक्रिया की सुरक्षा में सेंध लगाने और मिलीभगत के आरोप में आउटसोर्सिंग एजेंसी के 18 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया है। आशंका है कि इन्हीं की मदद से डमी अभ्यर्थियों को सिस्टम में एंट्री दिलाई जा रही थी।

​इस बड़े फर्जीवाड़े को लेकर लखीसराय के कवैया थाने में मामला दर्ज किया गया है। बिहार पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई और जांच की विस्तृत रिपोर्ट राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और अन्य संबंधित केंद्रीय विभागों को साझा कर दी है।

​3. अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई पर हमला: आरोपी गिरफ्तार

​प्रेस वार्ता के अंत में एडीजी सुधांशु कुमार ने गोपालगंज जिले में हुई एक अन्य वारदात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मशहूर बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई पर कुछ लोगों ने जमीन विवाद के चलते कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया था। गोपालगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की कानूनी तफ्तीश जारी है।

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