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अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार, दान राशि की गिनती और सुरक्षा को लेकर किए गए कई बड़े बदलाव

अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार, दान राशि की गिनती और सुरक्षा को लेकर किए गए कई बड़े बदलाव

​अयोध्या: राम जन्मभूमि परिसर में दान पात्र से कथित गबन के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। जांच के तहत एसआईटी ने लगातार 6 दिनों तक मंदिर परिसर का सघन निरीक्षण किया और अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस बीच, किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश को खत्म करने के लिए एसआईटी के निर्देशों पर राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन को लेकर कई बड़े और कड़े बदलाव लागू किए गए हैं।

​1. कर्मचारियों में बदलाव और बैंक स्टाफ की एंट्री

​जानकारी के अनुसार, दान राशि के कलेक्शन और उसकी गिनती (कैश काउंटिंग) से जुड़े पूरे स्टाफ को बदल दिया गया है। जिन कर्मचारियों पर पहले इसकी जिम्मेदारी थी, उन्हें फिलहाल अन्य गैर-वित्तीय कार्यों में स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए अब कैश काउंटिंग के काम में केवल बेहद विश्वसनीय पुराने कर्मचारियों और संबंधित बैंकों के नए पेशेवर स्टाफ को शामिल किया गया है।

​2. नया सीसीटीवी सिस्टम और कंट्रोल रूम

​पैसों की गिनती की प्रक्रिया पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के लिए एक अत्याधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरा सिस्टम स्थापित किया गया है।

​सभी कैश काउंटिंग क्षेत्रों को हाई-डेफिनिशन कैमरों के दायरे में लाया गया है।

​इसकी लाइव मॉनिटरिंग के लिए परिसर में ही एक अलग और विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है।

​3. काउंटिंग रूम में एंट्री और एग्जिट के कड़े नियम

​काउंटिंग रूम में आने-जाने वाले सभी कर्मचारियों के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं:

​प्रवेश के समय: कमरे के भीतर जाने से पहले हर कर्मचारी की गहन और शत-प्रतिशत शारीरिक तलाशी (फ्रिस्किंग) ली जाएगी।

​निकास के समय: काम खत्म करके काउंटिंग रूम से बाहर निकलते समय भी सभी कर्मचारियों की कड़ाई से दोबारा जांच की व्यवस्था की गई है।

​4. बैंक जमा के लिए ‘थ्री-वे क्रॉस वेरिफिकेशन’

​सूत्रों के मुताबिक, दान में मिले कैश को बैंक में जमा करने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह सुरक्षित कर दिया गया है। अब बैंक में नकदी जमा करते समय तीन अलग-अलग प्राधिकृत व्यक्तियों द्वारा ‘क्रॉस वेरिफिकेशन’ (त्रिकोणीय सत्यापन) किया जाएगा। इसके साथ ही जमा पर्ची और दस्तावेजों पर इन तीनों अधिकारियों के हस्ताक्षर होना अनिवार्य कर दिया गया है।

​फिलहाल किसी पर कार्रवाई नहीं, जांच जारी

​मंदिर प्रशासन और जांच अधिकारियों के अनुसार, चूंकि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट अभी आना बाकी है, इसलिए प्रारंभिक स्तर पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। पूरे मामले की हर पहलू से गहन तकनीकी और वित्तीय समीक्षा की जा रही है।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बयानबाजी से बचने की अपील

​इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी पूरी तरह निष्पक्ष होकर काम कर रही है और बहुत जल्द दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।

​सीएम योगी ने सभी राजनीतिक और सामाजिक पक्षों से अपील करते हुए कहा:

​”जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी को इस मामले पर अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए। यदि किसी भी व्यक्ति या संगठन के पास इस कथित गबन से जुड़े कोई भी ठोस दस्तावेजी साक्ष्य (सबूत) मौजूद हैं, तो वे उन्हें सीधे एसआईटी को सौंपें ताकि जांच में मदद मिल सके।”

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