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आईसीसी ने जारी की महिला क्रिकेटर्स के लिए प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस, मैदान पर वापसी के लिए दिया ‘6 आर’ का फॉर्मूला

आईसीसी ने जारी की महिला क्रिकेटर्स के लिए प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस, मैदान पर वापसी के लिए दिया ‘6 आर’ का फॉर्मूला

​दुबई: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने सोमवार को महिला क्रिकेटर्स के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) के बाद खेल में वापसी से जुड़ी नई गाइडलाइंस जारी की हैं। ये गाइडलाइंस महिला खिलाड़ियों, उनके संबंधित क्रिकेट बोर्ड (मेंबर बोर्ड) और मेडिकल स्टाफ को एक व्यवस्थित ढांचा प्रदान करती हैं, ताकि बच्चे के जन्म के बाद खिलाड़ी सुरक्षित और सही तरीके से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी कर सकें।

​आईसीसी की ‘100 प्रतिशत क्रिकेट’ पहल के तहत तैयार की गई इन गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सेहत से जुड़ी बातचीत को सामान्य बनाना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि मां बनने और प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने को एक-दूसरे के विरोधी के रूप में न देखा जाए।

​वापसी के लिए ‘6 आर’ (6 Rs) का विशेष फॉर्मूला

​आईसीसी ने महिला खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी के लिए छह चरणों वाला एक विशेष ‘6 आर’ तरीका तैयार किया है। इसमें निम्नलिखित चरण शामिल हैं:

​रेडी (Ready – तैयार होना): रिकवरी और शुरुआती मानसिक व शारीरिक तैयारी।

​रिव्यू (Review – समीक्षा): मेडिकल स्टाफ द्वारा स्वास्थ्य की विस्तृत समीक्षा।

​रिस्टोर (Restore – बहाली): धीरे-धीरे हल्की ट्रेनिंग और शारीरिक क्षमता को वापस पाना।

​रीकंडीशन (Recondition – फिर से कंडीशनिंग): क्रिकेट के अनुकूल खेल-विशिष्ट कंडीशनिंग की शुरुआत।

​रिटर्न (Return – वापसी): प्रतिस्पर्धी क्रिकेट और मैचों में दोबारा कदम रखना।

​रिफाइन (Refine – बेहतर बनाना): मैदान पर प्रदर्शन की निरंतर निगरानी और सुधार।

​’केस मैनेजर’ और मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की होगी नियुक्ति

​इन सुझावों के तहत प्रत्येक खिलाड़ी के लिए एक समर्पित केस मैनेजर (आमतौर पर एक डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट) नियुक्त किया जाएगा। यह केस मैनेजर खिलाड़ी की प्रेग्नेंसी से लेकर मैदान पर वापसी तक मुख्य संपर्क व्यक्ति के रूप में काम करेगा, जो सभी सपोर्ट सर्विसेज का समन्वय करेगा।

​इसके अलावा, खिलाड़ी की पूरी देखभाल के लिए एक मल्टी-डिसिप्लिनरी सपोर्ट टीम का गठन किया जाएगा। इस टीम में चिकित्सा कर्मचारी, फिजियोथेरेपिस्ट, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच, मनोवैज्ञानिक (साइकोलॉजिस्ट), डाइटीशियन, मुख्य कोच और खिलाड़ी का फैमिली सपोर्ट नेटवर्क शामिल होगा।

​समय-समय पर बैठकों का शेड्यूल

​आईसीसी ने खिलाड़ी के प्रबंधन और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विभिन्न अहम पड़ावों पर निरंतर बैठकों (समीक्षाओं) की वकालत की है:

​प्रेग्नेंसी की शुरुआती घोषणा के समय।

​गर्भावस्था की तीसरी तिमाही (Third Trimester) में।

​बच्चे के जन्म के छह से आठ हफ्ते बाद।

​क्रिकेट के माहौल में वापसी शुरू करने के बाद हर चार हफ्ते के अंतराल पर।

​निजता और सुरक्षा से जुड़े अहम नियम

​अनिवार्य टेस्ट नहीं: आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि प्रेग्नेंसी की घोषणा करने का फैसला पूरी तरह से खिलाड़ी का व्यक्तिगत अधिकार होगा। कोई भी सदस्य बोर्ड अपनी महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेग्नेंसी टेस्ट अनिवार्य नहीं कर सकता।

​प्रतियोगिता से दूरी: डॉक्यूमेंट में सलाह दी गई है कि सुरक्षित स्वास्थ्य के मद्देनजर खिलाड़ी पहली तिमाही (First Trimester) के बाद प्रतिस्पर्धी मैचों में हिस्सा लेना बंद कर दें। हालांकि, इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा थोपी नहीं जाएगी और अंतिम फैसला खिलाड़ी, डॉक्टर व बोर्ड के मेडिकल स्टाफ की आपसी सहमति से ही होगा।

​एक्सरसाइज को बढ़ावा: गाइडलाइंस में प्रेग्नेंसी के दौरान लगातार सुरक्षित एक्सरसाइज करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, लेकिन ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन के फैसले प्रत्येक खिलाड़ी की शारीरिक स्थिति और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर अलग-अलग होंगे।

​यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कई महिला क्रिकेटर्स अपने करियर के चरम पर परिवार शुरू करने और फिर सफलतापूर्वक मैदान पर लौटने का विकल्प चुन रही हैं।

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