उदयपुर में जुमे की नमाज के बाद मस्जिद के गेट पर खूनी संघर्ष, लाठी-सरियों से हमले में 8 घायल; क्रॉस केस दर्ज
उदयपुर में जुमे की नमाज के बाद मस्जिद के गेट पर खूनी संघर्ष, लाठी-सरियों से हमले में 8 घायल; क्रॉस केस दर्ज
उदयपुर/फतहनगर: राजस्थान के उदयपुर जिले के फतहनगर इलाके से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां स्थित जामा मस्जिद के मुख्य गेट पर जुमे की नमाज के ठीक बाद दो गुटों के बीच अचानक हिंसक और खूनी संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और लोहे के सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिसमें 8 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस हिंसक झड़प का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों गुट बेहद बेरहमी से एक-दूसरे पर वार करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
सामुदायिक भवन के नियंत्रण को लेकर भड़की हिंसा
पुलिस में दर्ज करवाई गई प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह जामा मस्जिद परिसर में बने एक सामुदायिक भवन के कब्जे और उसके नियंत्रण को माना जा रहा है। जुमे की नमाज के बाद इसी विषय पर दोनों गुटों के बीच बातचीत चल रही थी। चर्चा के दौरान एक गुट के लोग किसी बात पर भड़क गए और मस्जिद परिसर से बाहर निकल आए। उन्होंने पास में ही चल रहे एक मकान निर्माण कार्य वाली जगह से लोहे के सरिए और डंडे उठा लिए और बाहर आ रहे दूसरे गुट के लोगों पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। इसके जवाब में दूसरे पक्ष ने भी लाठियां निकाल लीं।
दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस केस दर्ज
फतहनगर थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए दोनों ही पक्षों की ओर से क्रॉस मुकदमा (क्रॉस केस) दर्ज कर लिया है:
पहला पक्ष: एक गुट की तरफ से शब्बीर भाटी ने दूसरे पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
दूसरा पक्ष: दूसरे गुट की ओर से अब्बार हुसैन ने मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस ने दोनों पक्षों की प्राथमिकियों (FIR) को गंभीरता से लेते हुए घायलों के बयान दर्ज करना और मामले की गहन तकनीकी व प्रत्यक्षदर्शी जांच शुरू कर दी है।
डेढ़ साल पुराने ‘सदर चुनाव’ से सुलग रही थी रंजिश
थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानिया ने मामले की पृष्ठभूमि का खुलासा करते हुए बताया कि दोनों गुटों के बीच यह तल्खी नई नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष पहले हुए मस्जिद के ‘सदर’ (अध्यक्ष) के चुनाव के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच गहरी राजनीतिक और सामाजिक रंजिश चली आ रही है। विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर असहमति के चलते दोनों गुटों में पहले भी कई बार हाथापाई और टकराव के हालात बन चुके थे।
इससे पहले स्थानीय प्रशासन, पुलिस और यहाँ तक कि उदयपुर व कपासन से आए मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध और मौजिज लोगों ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर कई बार समझौता कराने व समझाने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों ही गुट अपनी-अपनी जिद पर अड़े रहे। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले और माहौल बिगाड़ने वाले उपद्रवियों पर बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
