लखनऊ के अलीगंज में लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थान में भीषण आग, जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदे लोग; सीएम योगी ने लिया संज्ञान
लखनऊ के अलीगंज में लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थान में भीषण आग, जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदे लोग; सीएम योगी ने लिया संज्ञान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां स्थित एक लाइब्रेरी और कंप्यूटर कोर्स संस्थान की इमारत में सोमवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटों और पूरी इमारत में फैले घने धुएं के कारण वहां मौजूद छात्रों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के फेर में कुछ लोग इमारत की पहली मंजिल से नीचे कूद गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे में कई लोगों के झुलसने की भी प्रारंभिक सूचना है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने दिखाई हिम्मत, सुरक्षित बाहर निकाले कई लोग
घटना के समय आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए। प्रत्यक्षदर्शी अमन ने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो पूरी इमारत से काले धुएं का गुबार निकल रहा था। उन्होंने बताया:
”आग लगने के बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई थी। धुएं के कारण अंदर फंसे लोगों का दम घुट रहा था। इसी बीच एक व्यक्ति ने जान बचाने के लिए सीधे बिल्डिंग से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वह बुरी तरह चोटिल हो गया। हमने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और 5 से 6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।”
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। फायर फाइटर्स ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कुछ और लोग भी अंदर फंसे हो सकते हैं, जिसके लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
अलीगंज में हुए इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत इसका संज्ञान लिया। सीएम योगी ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और राहत कार्यों की खुद निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार:
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे राहत एवं बचाव कार्यों (Rescue Operations) में तेजी लाएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति इमारत के भीतर फंसा न रहे।
हादसे में झुलसे और घायल हुए सभी लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर बेहतर और समुचित इलाज मुफ्त उपलब्ध कराया जाए।
प्रशासन को सभी स्तरों पर पूरी सतर्कता बरतने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराने के आदेश दिए गए हैं।
