राजनीति

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: शुक्रवार को अयोध्या जाएंगे अरविंद केजरीवाल, उठाए कई गंभीर सवाल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: शुक्रवार को अयोध्या जाएंगे अरविंद केजरीवाल, उठाए कई गंभीर सवाल

​नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या के ऐतिहासिक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आगामी शुक्रवार को भगवान रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे। उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

​”चढ़ावा चोरी से हर सनातनी दुखी”

​अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी अयोध्या यात्रा की जानकारी साझा करते हुए लिखा:

​”अयोध्या श्री राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से हर सनातनी बेहद दुखी है। शुक्रवार को रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे और राम मंदिर पहुंचकर भगवान रामलला सरकार के दर्शन करेंगे।”

​इसके साथ ही उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं के चढ़ावे में इतनी बड़ी कथित अनियमितता और धांधली सामने आने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस या सख्त कदम नहीं उठाया गया है।

​”आखिर सरकार किसे बचा रही है?”

​पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी कथित चोरी का खुलासा होने के बाद भी अब तक इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज न होना कई गहरे सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की, “आखिर सरकार किसे बचाने की कोशिश कर रही है? इस घोटाले में जो भी व्यक्ति शामिल है, चाहे वह कितना भी रसूखदार या प्रभावशाली क्यों न हो, उसे तुरंत कानून के दायरे में लाकर सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। यह मामला देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और भक्ति से जुड़ा हुआ है।”

​कोर्ट में सीबीआई जांच और सीएजी ऑडिट की मांग

​इस कथित घोटाले को लेकर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में राजनीतिक हलचल बेहद तेज हो गई है। यह मामला अब कानूनी चौखट पर भी पहुंच चुका है:

​सीबीआई जांच की मांग: उच्च न्यायालय में इस प्रकरण से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिस पर आज (22 जून) सुनवाई होनी तय है। इससे पहले 19 जून को समय की कमी के कारण इस पर सुनवाई टल गई थी।

​सीएजी ऑडिट: याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या किसी अन्य स्वतंत्र राष्ट्रीय एजेंसी से कराई जाए। साथ ही, मंदिर को मिले चढ़ावे का संपूर्ण और पारदर्शी ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से करवाया जाए।

​एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट जल्द होने वाली है पेश

​दूसरी ओर, मामले की जांच के लिए गठित की गई विशेष जांच टीम (SIT) की तफ्तीश में अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द ही राज्य सरकार को सौंपने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और जुड़े हुए संदिग्धों के खिलाफ बड़ा एक्शन देखने को मिल सकता है।

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