बच्चों की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन का बड़ा कदम: 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया ऐप्स पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध
बच्चों की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन का बड़ा कदम: 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया ऐप्स पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध
अंतरराष्ट्रीय डेस्क
यूनाइटेड किंगडम (UK) के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने देश में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सोमवार को लंदन में 10 डाउनिंग स्ट्रीट से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के सभी बच्चों के लिए सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित (Ban) कर दिया जाएगा।
खुद छोटे बच्चों के पिता पीएम स्टार्मर ने कहा कि प्रधानमंत्री और एक पिता, दोनों ही भूमिकाओं में उन्हें लगता है कि यह देश के बच्चों की “खुशी और सुरक्षा” के लिए उठाया गया बिल्कुल सही कदम है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दुनिया की कुछ सबसे बड़ी टेक कंपनियों से जुड़ी ऐसी पाबंदी को लागू करना आसान नहीं होगा, लेकिन बच्चों की सेहत और उनकी भलाई सरकार के लिए सबसे ऊपर है।
अनंत स्क्रॉलिंग की लत से बच्चों को बचाना ज़रूरी: पीएम स्टार्मर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने बताया कि यह फैसला जल्दबाजी में नहीं, बल्कि हजारों अभिभावकों (माता-पिता) से लंबी बातचीत और वैज्ञानिक सबूतों को देखने के बाद लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया की लत के कारण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे बुरे असर को इस फैसले की मुख्य वजह बताया।
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि आजकल बच्चों को एक ऐसी तेजी से बदलती दुनिया में अपनी जगह बनानी पड़ रही है, जहां टेक्नोलॉजी उनके जीवन के हर पहलू में दखल देती है, जिससे उन्हें सीधा नुकसान हो रहा है। बातचीत के दौरान हजारों अभिभावकों ने साफ कहा कि उनके बच्चे सोशल मीडिया के आदी हो चुके हैं। यह एडिक्शन उन्हें कभी न खत्म होने वाले स्क्रॉलिंग (Infinite Scrolling) के चक्रव्यूह में फंसा देता है। इसके कारण बच्चों के खेल-कूद, उनकी नींद और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय में भारी कमी आ रही है, जो सीधे तौर पर उनके मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ रहा है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को इस मामले में सरकार के मजबूत समर्थन की जरूरत थी, इसीलिए यह फैसला लिया गया।
टेक दिग्गजों का सामना करने को तैयार सरकार
इस फैसले को देश के भविष्य के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए कीर स्टार्मर ने कहा कि सरकार ने दूसरे देशों के अनुभवों से भी बहुत कुछ सीखा है जो इसी तरह के कानून बना रहे हैं। टेक कंपनियों को कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि इस फैसले का दुनिया की कुछ सबसे शक्तिशाली और रसूखदार कंपनियों की ओर से कड़ा विरोध किया जाएगा और पहले भी ऐसा हुआ है। लेकिन सरकार उनका डटकर सामना करेगी और जीतेगी, क्योंकि सोशल मीडिया हमारे बच्चों को दुखी और असुरक्षित बना रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे बच्चे एक मजबूत और निष्पक्ष ब्रिटेन में एक खुशहाल और सुरक्षित बचपन के हकदार हैं।
नाबालिगों पर सोशल मीडिया बैन लगाने वाले दुनिया के अन्य देश
इस ऐतिहासिक कानून के साथ ही अब ब्रिटेन भी उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जो नाबालिगों को इंटरनेट के खतरों से बचाने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। दुनिया भर में इस वक्त कई बड़े देशों में ऐसे ही कानून लागू हैं या उन पर काम चल रहा है:
ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल ही एक बड़ा और कड़ा कानून लागू करते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी।
फ्रांस: फ्रांस भी इस दिशा में बहुत तेजी से काम कर रहा है। वहां 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर कानूनी रूप से रोक लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जापान: क्योडो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान की एक सरकारी कमिटी ने नाबालिग सोशल मीडिया यूजर्स की सुरक्षा के लिए कई कड़े उपाय सुझाए हैं। इसके तहत सोशल मीडिया ऑपरेटर्स की ज़िम्मेदारियां बढ़ाई जाएंगी, जिसमें यूजर्स की उम्र की सख़्त जांच (Age Verification) करना और बच्चों के लिए कुछ विशिष्ट फीचर्स पर पूरी तरह रोक लगाना शामिल है।
स्पेन और डेनमार्क: इन दोनों यूरोपीय देशों में भी बच्चों को डिजिटल लत से बचाने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
