Monday, June 15, 2026
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​बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: ED कार्यालय पहुंचे टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, पूछताछ जारी; अब तक ₹641 करोड़ की संपत्ति अटैच

​बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: ED कार्यालय पहुंचे टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, पूछताछ जारी; अब तक ₹641 करोड़ की संपत्ति अटैच

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले (Primary Teachers Recruitment Scam) में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पूछताछ के लिए कोलकाता स्थित ईडी के सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) मुख्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उनसे कथित मनी लॉन्ड्रिंग, पैसों के अवैध लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को लेकर लगातार सवाल-जवाब कर रहे हैं।

​पैसे लेकर नौकरी दिलाने का संगठित नेटवर्क

​यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में हुए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि मेधावी और योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार कर ऐसे लोगों को नौकरियां बांटी गईं, जो या तो अयोग्य थे, जिनके नंबर बेहद कम थे या जिनका नाम चयन सूची (Merit List) में था ही नहीं।

​ED का दावा है कि राज्य में पैसे लेकर अवैध रूप से नौकरियां दिलाने के लिए एक पूरा संगठित नेटवर्क तैयार किया गया था। कोलकाता हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद साल 2022 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अपनी समानांतर जांच शुरू की थी। दोनों एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि इस घोटाले के जरिए जुटाया गया करोड़ों रुपया किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसे कहां निवेश या छिपाया गया।

​अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से मिली थी करोड़ों की नकदी और सोना

​इस घोटाले में सबसे पहला और बड़ा नाम राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का आया था, जिन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों पर की गई छापेमारी में भारी रिकवरी हुई थी। ईडी ने उनके पास से लगभग 49.80 करोड़ रुपये नकद और करीब 5.08 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए थे, जिसे घोटाले की अवैध कमाई का हिस्सा माना गया।

​पूर्व मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा पर भी कसा शिकंजा

​जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने अपनी छठी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में चंद्रनाथ सिन्हा को भी आरोपी बनाया है। मार्च 2024 में उनके परिसरों की तलाशी के दौरान 41 लाख रुपये नकद और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए थे। जांच एजेंसी ने पाया कि उनके नियंत्रण वाले बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा कराई गई थी। इसके अलावा, बीरभूम जिले के बोलपुर इलाके में उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गईं कई बेनामी संपत्तियों को ईडी ने अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

​घोटाले से जुड़े मुख्य आंकड़े और अब तक की कार्रवाई

​इस महाघोटाले में जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं:

​कुल गिरफ्तारियां: मामले में अब तक पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी, अर्पिता मुखर्जी और पूर्व विधायक मानिक भट्टाचार्य सहित 7 प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

​आरोपियों की संख्या: इस घोटाले में अब तक 54 लोगों और विभिन्न संस्थाओं के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जा चुके हैं।

​प्राथमिक शिक्षक घोटाला जब्ती: सिर्फ प्राथमिक शिक्षक भर्ती मामले में ही अब तक करीब 98.65 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं, और कुल जब्ती व कुर्की का आंकड़ा 154.91 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

​सभी भर्ती घोटालों की कुल जब्ती: प्राथमिक शिक्षक भर्ती के अलावा एसएससी (SSC) सहायक शिक्षक भर्ती, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी भर्ती मामलों की भी जांच जारी है। इन सभी मामलों को मिलाकर ईडी के कोलकाता कार्यालय द्वारा अब तक लगभग 641 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अटैच (Attach) की जा चुकी हैं।

​अभिषेक बनर्जी से पूछताछ का मुख्य उद्देश्य

​ईडी के सूत्रों के मुताबिक, आज की पूछताछ का मुख्य उद्देश्य डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों के फॉरेंसिक ऑडिट और अन्य आरोपियों के बयानों का अभिषेक बनर्जी के सामने मिलान करना है। जांच एजेंसी यह स्पष्ट करना चाहती है कि इस पूरे मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन) और शेल कंपनियों के जाल से टीएमसी सांसद का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध है या नहीं।

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