अमेरिका-ईरान गुप्त समझौता! ईरानी मीडिया ने लीक कीं MoU की 14 बड़ी शर्तें; पुनर्निर्माण के लिए $300 अरब देगा US?
अमेरिका और ईरान के बीच कथित तौर पर हुए एक ऐतिहासिक और गुप्त समझौता ज्ञापन (MoU) को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मच गई है। ईरान के सरकारी और अर्द्ध सरकारी मीडिया ने इस बेहद संवेदनशील समझौते के सभी 14 मुख्य बिंदुओं को लीक करने का दावा किया है। हालांकि, वाशिंगटन और तेहरान, दोनों ही पक्षों की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है।
अमेरिका-ईरान गुप्त समझौता! ईरानी मीडिया ने लीक कीं MoU की 14 बड़ी शर्तें; पुनर्निर्माण के लिए $300 अरब देगा US?
अंतरराष्ट्रीय डेस्क
तेहरान/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (Middle East) की भू-राजनीति को पूरी तरह बदल देने वाली एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) गुपचुप तरीके से तय हो चुका है। अर्द्ध सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर न्यूज़’ ने इस प्रस्तावित समझौते के सभी 14 मुख्य बिंदुओं की जानकारी होने का दावा किया है, जिसमें मध्य पूर्व में युद्धविराम से लेकर ईरान को अरबों डॉलर का फंड दिए जाने जैसी चौंकाने वाली शर्तें शामिल हैं।
हालाँकि, इस पूरे मामले पर अभी तक न तो अमेरिकी प्रशासन (व्हाइट हाउस) और न ही ईरानी सरकार ने कोई आधिकारिक बयान जारी किया है।
लीक हुए ड्राफ्ट के 10 सबसे प्रमुख बिंदु:
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस गुप्त समझौते में क्षेत्रीय शांति बहाली और आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने को लेकर कई कड़े बिंदु शामिल हैं:
स्थायी युद्धविराम: लेबनान समेत मध्य पूर्व के उन सभी सक्रिय मोर्चों पर पूर्ण और स्थायी युद्धविराम लागू किया जाएगा, जहाँ तनाव जारी है।
आंतरिक मामलों में दखल नहीं: अमेरिका ने लिखित प्रतिबद्धता जताई है कि वह ईरान के अंदरूनी मामलों, राजनीति और उसकी संप्रभुता में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।
सैन्य नाकेबंदी की समाप्ति: समझौता लागू होने के अगले 30 दिनों के भीतर अमेरिका, ईरान पर लगाई गई अपनी सभी नौसैनिक नाकेबंदियों (Naval Blockades) को पूरी तरह हटा लेगा।
अमेरिकी सैनिकों की वापसी: ईरानी क्षेत्र और उसके प्रभाव वाले रणनीतिक इलाकों से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी सुनिश्चित की जाएगी।
होर्मुज स्ट्रेट को खोलना: वैश्विक व्यापार के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को “ईरानी व्यवस्था” के तहत 30 दिनों के भीतर दोबारा अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण फंड: अमेरिका और उसके सहयोगी देश युद्ध और लंबे आर्थिक तनाव से प्रभावित हुए ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर (लगभग ₹25 लाख करोड़) की बड़ी आर्थिक योजनाएं शुरू करेंगे।
ऊर्जा प्रतिबंधों का खात्मा: ईरानी कच्चे तेल (Crude Oil), गैस और अन्य ऊर्जा उत्पादों के वैश्विक व्यापार पर लगे सभी कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाएगा।
परमाणु हथियारों पर रोक: ईरान वैश्विक मंच पर परमाणु हथियार न बनाने और अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण रखने की अपनी पुरानी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराएगा।
सैन्य उपस्थिति पर रोक: अमेरिका इस क्षेत्र (Middle East) में अपनी मौजूदा सैन्य उपस्थिति या बेस को और अधिक नहीं बढ़ाएगा।
नए प्रतिबंधों पर रोक: भविष्य में ईरान के खिलाफ अमेरिका या उसके पश्चिमी सहयोगियों द्वारा कोई भी नया आर्थिक या सैन्य प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
नोट: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शेष 4 बिंदुओं में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों (Diplomatic Relations) की दोबारा बहाली और कैदियों की अदला-बदली (Prisoner Swap) जैसी तकनीकी और कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
अंतिम वार्ता के लिए ईरान की ‘प्री-कंडीशन’ (पूर्व शर्त)
मेहर न्यूज़ एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि भले ही यह ड्राफ्ट तैयार हो चुका है, लेकिन दोनों देशों के बीच अंतिम दौर की आधिकारिक और टेबल वार्ता तब तक शुरू नहीं हो सकती, जब तक अमेरिका पहली पूर्व शर्त को पूरा नहीं कर देता।
ईरान की मांग है कि दुनिया भर के विदेशी बैंकों में फ्रीज (जब्त) की गई ईरान की कुल संपत्ति का कम से कम आधा (50%) हिस्सा अमेरिका तुरंत रिलीज (Unfreeze) करे। इस शर्त के पूरे होने के बाद ही ईरान अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करने आगे बढ़ेगा।
