Friday, June 12, 2026
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बंगाल के स्कूल से ₹1.77 लाख कैश, शराब और कंडोम बरामद: टीएमसी नेताओं के काले धन का दावा; कैशियर समेत दो गिरफ्तार

बंगाल के स्कूल से ₹1.77 लाख कैश, शराब और कंडोम बरामद: टीएमसी नेताओं के काले धन का दावा; कैशियर समेत दो गिरफ्तार

​पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कांचरापाड़ा स्थित ‘हर्नेट इंग्लिश मीडियम स्कूल’ (Harnett English Medium School) में पुलिस और स्थानीय विधायक की छापेमारी के दौरान ₹1.77 लाख कैश, शराब की बोतलें और कंडोम बरामद हुए हैं। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।

​बुधवार (10 जून 2026) की रात से शुरू हुआ यह तलाशी अभियान गुरुवार सुबह करीब 4 बजे तक चला।

​विधायक की मुस्तैदी से हुआ खुलासा, मंगवानी पड़ी नोट गिनने वाली मशीनें

​बिजापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदीप्त दास अपने इलाके के शिक्षण संस्थानों का एक ‘डेटा बैंक’ तैयार करवा रहे हैं। इसी दौरान उनके प्रतिनिधियों को इस स्कूल में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली।

​सूचना मिलते ही विधायक सुदीप्त दास बुधवार रात खुद स्कूल पहुंचे और तुरंत पुलिस को बुलाया। शुरुआती तलाशी में ही भारी मात्रा में कैश देखकर पुलिस को रात में ही नोट गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ीं। बाद में रकम और बड़ी होने की आशंका में और भी मशीनें बुलाई गईं।

​”यह स्कूल का नहीं, TMC नेताओं का काला धन है” – स्थानीय विधायक

​छापेमारी के बाद स्थानीय विधायक सुदीप्त दास ने सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा:

​”पहले पूर्व राज्य मंत्री पार्थ चटर्जी के घर से करोड़ों रुपये मिले थे और अब स्कूल से कैश मिल रहा है। यह पैसा स्कूल का नहीं है। यह कमल अधिकारी, सुबोध अधिकारी और पार्थ भौमिक का काला धन है, जो सभी टीएमसी के बड़े नेता हैं। ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) के छापे के डर से इन्होंने यह पैसा स्कूल में छिपाकर रखा था।”

​विधायक ने दावा किया कि कांचरापाड़ा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन कमल अधिकारी इस स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष थे। हालांकि, आरोपी टीएमसी नेताओं की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

​मंत्री अर्जुन सिंह का बड़ा दावा: “स्कूल में था 50 करोड़ का खजाना”

​इस मामले पर पश्चिम बंगाल के मंत्री अर्जुन सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर तंज कसते हुए कहा:

​”जिस तरह का भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है, उससे तो स्कूलों को भी आलीशान जगहों में बदल दिया जाना चाहिए, चाहे वह सुरेंद्रनाथ कॉलेज हो या हार्नेट स्कूल। हार्नेट स्कूल को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे, और आज यह पुष्टि हो गई है कि वहां कम से कम 50 करोड़ रुपये थे। पिछले दस दिनों से वहां से गुपचुप तरीके से पैसे निकाले जा रहे थे।”

​प्रिंसिपल की सफाई: “कैश एडमिशन फीस का है, कंडोम का पता नहीं”

​इस पूरे विवाद पर स्कूल के प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल ने सफाई देते हुए दावा किया कि बरामद किया गया कैश अप्रैल महीने से जमा हो रही छात्रों की एडमिशन फीस का हिस्सा है, जिसे बैंक में जमा किया जाना था।

​वहीं, स्कूल के ‘सिक रूम’ (Sick Room) से कंडोम और शराब मिलने के सवाल पर प्रिंसिपल ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि ये आपत्तिजनक चीजें स्कूल के अंदर कैसे आईं।

​पुलिस की कार्रवाई: कैशियर और असिस्टेंट अकाउंटेंट गिरफ्तार

​पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए पैसों के स्रोत (Source) की गहनता से जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान पूछताछ में बयानों में भारी हेरफेर और गड़बड़ी पाए जाने पर पुलिस ने स्कूल के कैशियर अभिक नाथ और असिस्टेंट अकाउंटेंट सायन घोष को हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

​सुरेंद्रनाथ कॉलेज के बाद एक हफ्ते में दूसरा मामला

​हर्नेट स्कूल की यह घटना कोलकाता के मशहूर सुरेंद्रनाथ कॉलेज के मामले के ठीक एक हफ्ते बाद सामने आई है। सुरेंद्रनाथ कॉलेज के स्टूडेंट यूनियन रूम की अलमारी से दीमक लगे नोटों से भरा एक सूटकेस, हथियार और गर्भनिरोधक दवाओं के पैकेट बरामद हुए थे। इस नए मामले ने बंगाल की शिक्षा व्यवस्था और राजनीति में भ्रष्टाचार के दावों को एक बार फिर हवा दे दी है।

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